दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार में मंत्री रहे सत्येंद्र जैन को एंटी करप्शन ब्रांच ने राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया. यहां सत्येंद्र जैन और अन्य आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की एसीबी की अर्जी और अंकित श्रीवास्तव की दो दिन की पुलिस हिरासत मांगने वाली एसीबी की अर्जी पर आदेश सुरक्षित रखा है.
सत्येंद्र जैन ने दलील में क्या कहा?
कोर्ट में सत्येंद्र जैन ने अपनी बेगुनाही को लेकर दलील रखते हुए कहा कि सरकार ने यमुना को साफ करने के लिए ताकि उसमें गंदा पानी ना जाएं STP बनाए जाते हैं. नया STP बनाने में काफी समय लगता है. तो हमने यमुना को साफ करने के लिए क्योंकि वो हमारा चुनावी वायदा भी था. उन्होंने ये भी कहा कि मौजूदा STP की क्षमता को डेढ़ गुना करने का फैसला किया. उसमें कौन सी तकनीक का इस्तेमाल किया जाए. मेरे पास 8 मंत्रायल थे. मुझे तकनीकी जानकारी नहीं थी. अधिकारियों पर ही भरोसा करना पड़ा.
सत्येन्द्र जैन ने अदालत ने ये भी कहा, “कहा शुरुआत में हमने 300 MGD का टारगेट रखा 1546 करोड़, 5 करोड़ प्रति MGD के हिसाब से 4 पैकज में टेंडर हुए. फाइल मेरे पास आई ही नहीं. सत्येन्द्र जैन ने कहा 7 अगस्त को मुझे बुलाकर ऐसे तकनीकी सवाल किए. जिनका मुझे पता ही नहीं था. मुझे आरोपी नंबर 1 बनाना था. सत्येन्द्र जैन ने कहा 30 मई 2022 को मेरी डेथ हो जाती है. यानी मुझे मंत्रालय से हटा दिया गया था.”
दरअसल, आप नेता जैन को दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को बेहतर बनाने या अपग्रेड करने की टेंडर प्रक्रिया में आपराधिक साजिश, बड़े पैमाने पर गड़बड़ी, टेंडर की शर्तों में हेर-फेर के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.
सत्येन्द्र जैन के लिए अदालत में एन. हरिहरन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये अपियर हुए. ACB ने सत्येंद्र जैन और 4 अन्य आरोपियों के लिए न्यायिक हिरासत की मांग की है. इसके साथ आरोपियों में से एक अंकित के लिए कस्टडी की मांग की थी.
गिरफ्तारी के बाद सत्येंद्र जैन की पहली प्रतिक्रिया, बोले- ‘यह सब…’
सत्येंद्र जैन के वकील ने क्या कहा?
सत्येंद्र जैन के वकील ने अदालत में कहा कि कानून के खिलाफ जाकर गिरफ्तारी हुई. ACB ने आरोपियों को कोई ग्राउंड ऑफ अरेस्ट नहीं बताया. ED ने इसी मामले में चार्जशीट दाखिल कर दिया लेकिन कोई गिरफ्तारी नहीं हुई. ACB ने भी इस मामले में पूछताछ के लिए बुलाया और गिरफ्तार कर लिया. 3 अगस्त को भी पूछताछ के लिए बुलाया था और घर जाने दिया था. 18 अगस्त को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया गया और मैं गया.10 बजे ACB पहुंचा जांच में सहयोग के लिए. मुझे 41A के तहत जांच अधिकारी ने पूछताछ के लिए बुलाया क्योंकि मुझे गिरफ्तार नहीं किया जाना था.
एन. हरिहरन ने कहा कि वह सत्येंद्र जैन के लिए जमानत अर्जी दाखिल कर रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया, बल्कि सिर्फ एक फोन कॉल आया था. उन्होंने कहा कि केस दर्ज होने के 27 महीने बाद गिरफ्तारी हुई है और इससे पहले उन्हें सिर्फ एक बार जांच के लिए बुलाया गया था.
हरिहरन ने आरोप लगाया कि A-1 ने STP के मेजरमेंट में बदलाव किया था, लेकिन जांच के नोट्स इसके उलट तस्वीर दिखाते हैं. उन्होंने यह भी दलील दी कि संबंधित टेंडर अक्टूबर 2022 में दिए गए थे और उस समय वह दूसरे ED मामले में पहले ही गिरफ्तार हो चुके थे. इसलिए, उनके मुताबिक, टेंडर दिए जाने के समय वह वहां मौजूद ही नहीं थे.
वहीं आरोपी नागेंद्र यादव की ओर से वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने दलील रखी. उन्होंने कहा कि ACB ने पहले 3 और 6 अगस्त को जांच के लिए बुलाया था और फिर 16 अगस्त को पूछताछ के लिए बुलाने के बाद गिरफ्तार कर लिया. मनिंदर सिंह ने कहा कि ACB को लिखित में बताना चाहिए कि आरोपी को गिरफ्तार करने की जरूरत क्यों पड़ी.
