बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के नाम ने सियासी जानकारों को चौंका दिया. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को बीजेपी ने कोषाध्यक्ष बनाया है. पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट गोयल इकलौते केंद्रीय मंत्री हैं, जिन्हें टीम बीजेपी में शामिल किया गया है.
दिलचस्प है कि पीयूष गोयल के पिता वेद प्रकाश गोयल, अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री थे. वो करीब दो दशक तक पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष रहे थे.
लगने लगी अटकलें
पीयूष गोयल को कमान मिलने के बाद सवाल उठने लगे कि क्या मोदी सरकार आने वाले समय में कैबिनेट का विस्तार करने वाली है. दरअसल, बीजेपी एक व्यक्ति-एक पद के पैटर्न पर चलती रही है. हालांकि कुछ अपवाद भी रहे हैं. माना जा रहा है कि गोयल मंत्री पद के साथ ही कोषाध्यक्ष की भी जिम्मेदारी संभालते रहेंगे. वो मोदी सरकार में 2014 से ही लगातार मंत्री पद पर रहे हैं. वो महाराष्ट्र बीजेपी के भी कोषाध्यक्ष रह चुके हैं.
केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी दिसंबर में यूपी बीजेपी के अध्यक्ष बने थे. वहीं कॉर्पोरेट मामलों के राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा को मई में दिल्ली बीजेपी की कमान मिली. दोनों ही नेताओं को जिम्मेदारी मिलने के बाद से अटकलें लगने लगी कि क्या मोदी कैबिनेट का विस्तार होने वाला है.
केंद्रीय रेलवे राज्यमंत्री रहे रवनीत सिंह बिट्टू को अब तक पार्टी में जिम्मेदारी नहीं मिली है. पिछले महीने ही उनका राज्यसभा का कार्यकाल खत्म हुआ और इसके साथ ही मंत्री पद भी गंवानी पड़ी. माना जा रहा है कि उन्हें आने वाले समय में पंजाब विधानसभा चुनाव में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है.
बीजेपी की नई टीम
नितिन नवीन की टीम की सोमवार को 65 नेताओं की लंबी लिस्ट जारी हुई. नई टीम में उपाध्यक्षों की संख्या 11 से बढ़ाकर 13 कर दी गई है, जिनमें से 9 नए हैं. राष्ट्रीय महासचिवों की कुल संख्या भी पहले के सात से बढ़ाकर आठ कर दी गई है. बीजेपी की नई टीम में 16 राष्ट्रीय सचिव हैं, जबकि पिछली टीम में 11 राष्ट्रीय सचिव थे. इसमें विधानसभा चुनाव पर खास फोकस दिखा. यूपी से आठ नेताओं को जगह मिली.
वहीं कई चौंकाने वाले नाम थे जिन्हें दोबारा मौका नहीं मिला. तेजस्वी सूर्या, अमित मालवीय, अरुण सिंह, दुष्यंत कुमार गौतम और पंकजा मुंडे को नई टीम से बाहर कर दिया गया.
