स्वतंत्रा दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण का एक हिस्सा खूब चर्चा में है, जहां उन्होंने ‘दिमागी नक्सली’ का जिक्र किया है. पीएम मोदी द्वारा कहे गए इन दो शब्दों ने सियासी हलचल तेज कर दी है. उन्होंने कहा था, “हथियारी नक्सल तो गए लेकिन दिमागी नक्सल मौके की तलाश में हैं.” इसपर अब अरविंद केजरीवाल की प्रतिक्रिया आई है. केजरीवाल ने खुद को ही ‘दिमागी नक्सल’ बताया और कहा कि उन्हें इस बात पर गर्व है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो शेयर कर अरविंद केजरीवाल ने कहा, “प्रधानमंत्री के हिसाब से दिमागी नक्सल कौन हैं? जो इस देश में प्रश्न उठाने की हिम्मत करता है. प्रधानमंत्री के हिसाब से वो दिमागी नक्सली है जो सड़ी-गली व्यवस्था को बदलना चाहता है, अच्छे सरकारी स्कूल चाहता है, अच्छे सरकारी अस्पताल चाहता है. जो बिजली-पानी चाहता है, सीवर-ड्रेनेज चाहता है. अच्छी व्यवस्था चाहता है और भ्रष्टाचार मुक्त भारत का सपना देखता है. प्रधानमंत्री के हिसाब से वो दिमागी नक्सली है जो बीजेपी और पीएम से डरता नहीं है. जो विकसित भारत का सपना देखता है वह दिमागी नक्सली है.”
हाँ। मैं दिमाग़ी नक्सल हूँ। क्योंकि मैं देशभक्त हूँ। और मुझे इस पर गर्व है। pic.twitter.com/ADE3YRfvSJ
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) August 17, 2026
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‘भगत सिंह-अंबेडकर को भी दिमागी नक्सली बता देते PM’
भगत सिंह का जिक्र कर अरविंद केजरीवाल ने कहा, “आज अगर भगत सिंह जिंदा होते तो प्रधानमंत्री उन्हें भी दिमागी नक्सली बता देते. आज अगर बाबासाहेब अंबेडकर जिंदा होते, जिन्होंने सबकी बराबरी के लिए लड़ाई लड़ी थी, तो उन्हें भी प्रधानमंत्री नहीं छोड़ते. उनको भी दिमागी नक्सली बोलते.”
अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा, “मैं प्रधानमंत्री को कहना चाहता हूं कि मैं अरविंद केजरीवाल, आपके हिसाब से दिमागी नक्सली हूं क्योंकि मैं देशभक्त हूं और मुझे इस बात का गर्व है. अगर देश के खिलाफ कोई कुछ करेगा या बोलेगा, तो केजरीवाल पूरी ताकत के साथ उसका मुकाबला करेगा. जय हिंद”
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