करनाल के घरौंडा में देर रात श्रद्धालुओं से भरा कैंटर बिजली की हाई वोल्टेज तारों से टकरा गया. इस दाहसे में कई लोग झुलस गए. इस हादसे का अब एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है. शनिवार 15 अगस्त की रात घरौंडा के मिनी बाईपास पर राजस्थान के बागड़ धाम जा रहे श्रद्धालुओं से भरे कैंटर के साथ बड़ा हादसा हो गया. अधिक सवारियां बैठाने के लिए कैंटर के ऊपर पाइप और लोहे की रैक लगाकर उसकी ऊंचाई करीब तीन फीट बढ़ाई गई थी.
रात को कैंटर हाईटेंशन बिजली की तारों के संपर्क में आ गया. तार टूटकर वाहन पर गिरने से करंट फैल गया और आग लग गई. हादसे में 15-20 लोग झुलस गए, जबकि लोगों को बचाने पहुंचे एक रिटायर्ड फौजी की करंट लगने से मौत हो गई थी.
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कैसे हुआ हादसा?
करनाल के घरौंडा की अनोखा कॉलोनी से कैंटर में करीब 50 से 60 महिला, पुरुष और बच्चे राजस्थान के बागड़ धाम जाने के लिए निकले थे. बताया जा रहा है कि ज्यादा श्रद्धालुओं को बैठाने के लिए कैंटर के ऊपर लोहे की रैक और पाइप लगाकर दो मंजिला जैसी व्यवस्था बनाई गई थी. इससे वाहन की ऊंचाई करीब तीन फीट बढ़ गई. सीसीटीवी फुटेज में भी कैंटर के ऊपर बड़ी संख्या में श्रद्धालु बैठे दिखाई दे रहे हैं, जबकि नीचे महिला श्रद्धालु बैठी थीं.
सामने आया CCTV फुटेज
सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि श्रद्धालुओं ने बागड़ धाम का जयकारा लगाया और कैंटर आगे बढ़ा. कुछ ही दूरी पर कैंटर का ऊपरी हिस्सा बिजली के खंभे और हाईटेंशन तारों के संपर्क में आ गया. पहले खंभे के ऊपर चिंगारी दिखाई दी और इसके बाद करंट कैंटर के नीचे टायर तक पहुंच गया. देखते ही देखते तार टूटकर कैंटर पर गिर गई और वाहन में करंट फैल गया. कई श्रद्धालु झुलस गए और कैंटर में आग लग गई.
लोगों को बचाने में गई रिटायर्ड फौजी की जान
हादसा होते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई. इसी दौरान नरेश कुमार भी अपने घर से बाहर निकले. उन्होंने बांस की मदद से कैंटर से बिजली की तार हटाने का प्रयास किया. इसी दौरान तार टूटकर उनके पैर से जा लगी और करंट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई. परिजनों और रिश्तेदारों के अनुसार नरेश ने अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरे लोगों को बचाने का प्रयास किया.
कई लोग झुलसे, पहुंचाए गए अस्पताल
हादसे के बाद आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और कैंटर में फंसे तथा झुलसे लोगों को बाहर निकाला. घायलों को घरौंडा के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया. अचानक बड़ी संख्या में मरीज पहुंचने पर अस्पताल का स्टाफ भी सक्रिय हो गया. डॉक्टरों के अनुसार 8 से 10 लोग करंट लगने से झुलसे थे, जबकि कुछ अन्य लोग हादसे में चोटिल हुए. रिटायर्ड फौजी नरेश को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई दी गई.
रिटायर्ड फौजी की बहादुरी से बची लोगों की जान
परिजनों के अनुसार नरेश ने अपना बलिदान देकर कई लोगों की जान बचाई. उन्होंने कहा कि अगर नरेश समय पर बांस से तार हटाने का प्रयास नहीं करते तो कैंटर में मौजूद कई लोग गंभीर रूप से झुलस सकते थे और जानमाल का नुकसान और बड़ा हो सकता था. वीरेंद्र सिंह ने कैंटर चालक की लापरवाही के साथ बिजली विभाग की जिम्मेदारी तय करने और कार्रवाई की मांग की.
गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित
16 अगस्त को पोस्टमार्टम के बाद नरेश कुमार का शव परिजनों को सौंपा गया. शिवपुरी में उनका अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान स्थानीय प्रशासन की ओर से उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. डीएसपी मनोज कुमार ने बताया कि रिटायर्ड फौजी को प्रशासन की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर के साथ सलामी दी गई. उन्होंने घटना को दुखद बताते हुए कहा कि रिटायरमेंट के बाद भी नरेश ने अपनी जान की परवाह न करते हुए दूसरों की जान बचाने का प्रयास किया.
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