ओखला मंडी और JNU-IIT के बीच बनेंगे नए FOB, मिलेगी सुरक्षित क्रॉसिंग


राजधानी दिल्ली की व्यस्त सड़कों पर पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराने की दिशा में लोक निर्माण विभाग ने दो नई परियोजनाओं पर काम शुरू कर दिया है. ओखला मंडी और जेएनयू-आईआईटी क्षेत्र में प्रस्तावित फुट ओवरब्रिज के निर्माण के लिए टेंडर जारी किए जा चुके हैं. दोनों जगह सीढ़ियों के साथ लिफ्ट की सुविधा भी रखी गई है, ताकि अलग-अलग आयु और जरूरत वाले लोग आसानी से सड़क पार कर सकें.

ओखला मंडी और JNU-IIT के बीच बनेंगे नए FOB

पहला फुट ओवरब्रिज कैप्टन गौर मार्ग पर ओखला मंडी के पास बनाया जाना प्रस्तावित है. दूसरा वेदांत देशिका मार्ग पर जेएनयू गेट और आईआईटी गेट नंबर-5 के बीच तैयार किया जाएगा. दोनों परियोजनाओं के लिए निर्माण अवधि छह महीने तय की गई है.

ओखला मंडी के पास बनने वाले एफओबी की अनुमानित लागत करीब 4.60 करोड़ रुपये रखी गई है. इसमें करीब 4.06 करोड़ रुपये सिविल निर्माण पर खर्च होंगे, जबकि 53.93 लाख रुपये विद्युत संबंधी काम के लिए निर्धारित किए गए हैं.

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दूसरे एफओबी पर करीब 3.84 करोड़ रुपये खर्च होंगे

वेदांत देशिका मार्ग की परियोजना के लिए लगभग 3.84 करोड़ रुपये की लागत आंकी गई है. इसमें करीब 3.28 करोड़ रुपये सिविल कार्य पर और लगभग 56 लाख रुपये लिफ्ट तथा बिजली से जुड़े काम पर खर्च किए जाएंगे. इस पुल को भी छह महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

ओखला मंडी इलाके में बाजार और कारोबारी गतिविधियों के कारण बड़ी संख्या में लोग पैदल आते-जाते हैं. दूसरी ओर जेएनयू और आईआईटी के आसपास छात्रों, कर्मचारियों और अन्य लोगों की आवाजाही लगातार बनी रहती है. ऐसे में व्यस्त सड़क पर सीधे क्रॉस करने के बजाय एफओबी के जरिए लोगों को अलग मार्ग उपलब्ध कराने की योजना है.

लिफ्ट से बुजुर्गों और दिव्यांगों को मिलेगी अतिरिक्त सुविधा

दोनों एफओबी में लिफ्ट का प्रावधान खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इससे बुजुर्गों, दिव्यांगों और सामान लेकर चलने वाले लोगों के लिए पुल तक पहुंचना आसान हो सकता है. सीढ़ियों के साथ लिफ्ट उपलब्ध होने से इन संरचनाओं का इस्तेमाल अधिक लोगों के लिए सुविधाजनक बनाने की कोशिश की गई है.

इन एफओबी का उद्देश्य केवल पैदल यात्रियों को सड़क पार कराने तक सीमित नहीं है. सड़क पर पैदल आवाजाही को निर्धारित स्थान पर ले जाने से वाहनों की आवाजाही में रुकावट कम होने की उम्मीद है. हालांकि, इसका असर निर्माण पूरा होने के बाद लोग एफओबी का कितना नियमित इस्तेमाल करते हैं, इस पर काफी हद तक निर्भर करेगा. फिलहाल टेंडर जारी होने के साथ ही दोनों परियोजनाएं जमीन पर उतरने की प्रक्रिया में आगे बढ़ चुकी हैं और निर्माण पूरा होने के बाद इन दोनों स्थानों पर पैदल यात्रियों को सड़क पार करने के लिए एक सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प मिलने की उम्मीद है.

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Prime Haryana
Author: Prime Haryana

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