दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह के मामले में वकील रहे विकास सिंह ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन मिश्रा को लेकर तीखी टिप्पणी की है. सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह ने कहा है कि मनन मिश्रा ऐसा व्यवहार कर रहे हैं जैसे बीसीआई उनकी जागीर हो.
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के अध्यक्ष विकास सिंह की यह टिप्पणी नेशनल एकेडमी ऑफ़ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च यानी NALSAR विवाद पर आई है जिसमें बीसीआई ने उन छात्रों को राज्यों के बार काउंसिल में स्थान देने से रोकने के लिए कहा गया था जो भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत का विरोध कर रहे थे.
NALSAR विवाद पर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के प्रेसिडेंट विकास सिंह ने कहा, ‘BCI चेयरमैन ऐसा व्यवहार कर रहे हैं जैसे BCI उनकी निजी संपत्ति हो. जब भी वे कोई आदेश, पत्र या निर्देश जारी करते हैं, तो वे यह भी नहीं बताते कि एक्ट या रेगुलेशन के किस प्रावधान के तहत वे ऐसा आदेश दे रहे हैं. जो प्रस्ताव या आदेश पास किया गया, वह पूरी तरह से गैर-कानूनी था. और असल में, कुछ लोग मेरे पास भी आए थे, और हम सुबह इस मामले का जिक्र करने वाले थे.
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‘मुझे 100% यकीन है…’
उन्होंने कहा कि एक रिट याचिका भी दायर की जानी थी. और मुझे 100% यकीन है कि सुप्रीम कोर्ट उस पर रोक लगा देता. शायद उन्हें इसका अंदाजा हो गया और उन्होंने धीरे-धीरे पीछे हटना शुरू कर दिया. पहले, वे आंशिक रूप से पीछे हटे, फिर NALSAR ने इस बात पर एक प्रस्ताव पास किया कि क्या वे ऐसी जांच कर सकते हैं या नहीं – जो कि जायज भी है – और वे एग्जीक्यूटिव कमेटी में इस पर विचार करेंगे. तो उन्हें एहसास हुआ कि हो सकता है कि वे आखिर में यह कहें कि वे वह जांच भी नहीं करेंगे जिसके बारे में उन्होंने दूसरे पत्र में कहा था कि होनी चाहिए. इसलिए रात में, उन्होंने ट्वीट किया कि वे पूरी तरह से पीछे हट जाएंगे.
सिंह ने कहा कि उन्हें यह समझना होगा कि वे पूरे लीगल प्रोफेशन के रेगुलेटर के चेयरमैन हैं. उन्हें युवाओं के लिए सही मानक तय करने होंगे. मैं जरा भी यह सुझाव नहीं दे रहा हूं कि कन्वोकेशन के लिए CJI के आने पर छात्रों ने जो किया, वह सही था या गलत. लेकिन संविधान के तहत यह उनका अधिकार है. हो सकता है कि उन्हें गलत सलाह दी गई हो, हो सकता है कि वे सही काम न कर रहे हों. हो सकता है कि वे सही भी हों.’
