राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में बुधवार से भारतीय व्यापार महोत्सव 2026 की शुरुआत हो गई. चार दिन तक चलने वाले इस आयोजन में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए कारोबारी, एमएसएमई, स्टार्टअप, निर्माता, निर्यातक और महिला उद्यमी एक ही मंच पर नजर आएंगे.
खास बात यह है कि महोत्सव को सिर्फ खरीद-बिक्री के आयोजन के तौर पर नहीं देखा जा रहा, बल्कि भारतीय कारोबार को देश के बाजार से निकालकर दुनिया के बाजार तक पहुंचाने की कोशिश के तौर पर पेश किया जा रहा है.
दिखेगी भारतीय कारोबार की ताकत
12 से 15 अगस्त तक भारत मंडपम में चलने वाले भारतीय व्यापार महोत्सव 2026 का आयोजन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) और इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइजेशन (ITPO) की ओर से संयुक्त रूप से किया जा रहा है. आयोजन में देशभर से 700 से ज्यादा स्टार्टअप्स, निर्माता, निर्यातक, महिला उद्यमी, व्यापारी संगठनों, सरकारी संस्थानों और निजी कंपनियों की भागीदारी है.
महोत्सव में अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े कारोबारी अपने उत्पाद और कारोबारी मॉडल पेश कर रहे हैं. इसका मकसद घरेलू कारोबार को नए बाजारों से जोड़ने के साथ भारतीय उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय अवसर तलाशना है.
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पीयूष गोयल ने कहा- कारोबारी अहम आधार
महोत्सव का उद्घाटन केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने किया. उनके साथ केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं CAIT की रणनीतिक सलाहकार स्मृति ईरानी और CAIT के राष्ट्रीय महामंत्री एवं सांसद प्रवीन खंडेलवाल समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहे.
उद्घाटन के दौरान पीयूष गोयल ने कहा कि भारत अब आत्मनिर्भरता, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कारोबारियों को देश की आर्थिक प्रगति का अहम आधार बताते हुए कहा कि भारतीय उत्पादों और उद्यमियों की वैश्विक पहचान लगातार मजबूत हो रही है.
ट्रिलियन डॉलर लक्ष्य पर नजर
गोयल ने भारत के बढ़ते निर्यात का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि भारत एक ट्रिलियन डॉलर की निर्यात अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. उनके मुताबिक पिछले चार महीनों में निर्यात में करीब 5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.
उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के कई देश भारत के साथ अपने व्यापारिक और आर्थिक रिश्ते मजबूत करने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं. सरकार के स्तर पर किए जा रहे सुधारों को उन्होंने भारत की आर्थिक क्षमता को और बढ़ाने वाला कदम बताया.
‘छोटा व्यापारी’ कहने पर स्मृति ईरानी भड़कीं
कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने व्यापारियों की भूमिका को लेकर एक अलग बात कही. उन्होंने कहा कि भारतीय कारोबारियों को ‘छोटा व्यापारी’ कहकर उनकी भूमिका को सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि देश में रोजगार पैदा करने, स्थानीय अर्थव्यवस्था को चलाने और कारोबार को आगे बढ़ाने में व्यापारी समुदाय की बड़ी भूमिका है. उन्होंने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और डिजिटल इंडिया जैसी पहलों का जिक्र करते हुए कहा कि इनसे व्यापारियों और उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा हुए हैं.
भारत में करीब 240 बिलियन डिजिटल का लेनदेन
ईरानी ने डिजिटल लेनदेन के बढ़ते दायरे का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि भारत में करीब 240 बिलियन डिजिटल लेनदेन हो रहे हैं, जिनके जरिए लगभग 314 लाख करड़ रुपये का आर्थिक कारोबार हुआ है. महोत्सव को लेकर स्मृति ईरानी ने कहा कि भारतीय व्यापार महोत्सव का विचार करीब पांच वर्ष पहले सामने आया था. कई चुनौतियों के बावजूद इसे अब राष्ट्रीय स्तर के आयोजन का रूप दिया गया है.
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री और सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने भी इसे व्यापारिक समुदाय के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया. उनके मुताबिक यह आयोजन सिर्फ उत्पादों को प्रदर्शित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि कारोबारियों और उद्यमियों को ‘वोकल फॉर लोकल’ से ‘लोकल टू ग्लोबल’ की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास है.
FTA से विदेशों में भारतीय कारोबार अवसर बढ़े
केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि अलग-अलग देशों के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) भारतीय कारोबारियों और निर्यातकों के लिए नए बाजार खोल रहे हैं. उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और कई देश भारत के साथ व्यापारिक साझेदारी बढ़ाने को प्राथमिकता दे रहे हैं. ऐसे में भारतीय कंपनियों, एमएसएमई और निर्यातकों के लिए विदेशों में कारोबार बढ़ाने की संभावनाएं पहले से ज्यादा हैं.
स्टार्टअप और महिला उद्यमियों को भी मिला बड़ा प्लेटफॉर्म
भारतीय व्यापार महोत्सव में केवल पारंपरिक कारोबारी ही नहीं, बल्कि नए दौर के स्टार्टअप्स और महिला उद्यमियों की भी बड़ी भागीदारी है. यहां निर्माता और निर्यातक अपने उत्पादों को संभावित खरीदारों और कारोबारी साझेदारों के सामने रख रहे हैं. महोत्सव के दौरान भारत इनोवेशन एंड स्टार्टअप एक्सचेंज (BISE) समेत कई कारोबारी, औद्योगिक, तकनीकी और ज्ञान-विनिमय कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं. इनका फोकस नए बिजनेस आइडिया, तकनीक, बाजार और साझेदारी की संभावनाओं पर है.
स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की तैयारी
भारतीय व्यापार महोत्सव 2026 का सबसे बड़ा फोकस स्थानीय कारोबार को वैश्विक बाजार से जोड़ना है. ‘वोकल फॉर लोकल’ के बाद अब ‘लोकल टू ग्लोबल’ पर जोर दिया जा रहा है.
यानी जिस उत्पाद की शुरुआत किसी छोटे कारोबारी, निर्माता या स्टार्टअप से होती है, उसे सिर्फ भारतीय बाजार तक सीमित रखने के बजाय विदेशों तक पहुंचाने की संभावनाएं तलाशना. भारत मंडपम में आयोजित यह महोत्सव इसी बदलाव को एक मंच पर दिखाने की कोशिश कर रहा है.
भारत व्यापार महोत्सव के लिए ऐतिहासिक क्षण
न्यू जर्सी (अमेरिका) के जाने-माने कारोबारी और पेशेवर विशेषज्ञ राजीव (राज) तिवारी भी इस अवसर पर मौजूद रहे. उन्होंने कहा, “मुझे बहुत ही ज़्यादा खुशी हो रही है यह देखकर कि जो हमारे मोदी जी का सपना है आत्मनिर्भर भारत बनाने का, उसके लिए मुझे आमंत्रित किया गया था. भारत व्यापार महोत्सव के लिए और मुझे लगता है कि यह एक ऐतिहासिक क्षण है. हम कैसे अपने देश को आगे बढ़ा सकते है, अपने MSMEs को कैसे आत्मनिर्भर बना सकते है.”
उन्होंने आगे कहा, “AI एक बहुत ही महत्वपूर्ण देन है मानवता के इतिहास में, कि कैसे हम अपने व्यापार को और देश को विश्व स्तर पर कैसे आगे ले कर जा सकते है. मुझे बहुत ही हैरानी यह देख कर हुई कि हमारे देश के जो ट्रेडर्स है और व्यापारी है वो AI को कितनी अच्छी तरह से जानते है और यह इवेंट इस नई इनोवेशन को एक नए मुकाम पे जरूर ले कर जाएगा.”
कारोबारियों ने महोत्सव को बताया जरूरी
महोत्सव में कई बड़े कारोबारी पहुंचे थे, जिन्होंने अपनी राय भी रखी. इनमें से एक In60 टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के फाउंडर आर्ष डूबे ने कहा, “मैं कई विभिन्न प्रकार के व्यापार करता हूं, जो हमारे देश का 2047 विकसित भारत का उद्देश्य है, जिसकी माननीय प्रधानमंत्री ने नींव रखी है उसे सक्षम बनाने के लिए ऐसे महोत्सव करना बहुत ही जरूरी है. यही बात पीयूष गोयल जी ने भी बतायी. और मैं उनकी बात से सहमत हूं जब तक व्यापारी गण आपस में मिलेंगे नहीं, तब तक हमारे जो उद्देश्य है वह पूरा नहीं हो पायेगा. एक युवा उद्यमी के दृष्टिकोण से देखा जाये तो जो पिछले 5-10 साल से जो हमे सपोर्ट मिल रहा है, उसका बहुत प्रभाव पड़ा है क्योंकि उसकी वजह से हम बहुत जल्दी बढ़ पाये है.”
कार्यक्रम में 30 देशों के राजदूत और नेता हुए शामिल
इस अवसर पर मौजूद रहे बीजेपी नेता डॉ विजय जॉली ने कहा, “भारतीय व्यापार महोत्सव 2026 का आगाज आज दिल्ली के भारत मंडपम में हुआ है. इसमें कम से कम 700 एक्जिबिटर्स और 4 दिन के अंदर 2 लाख से ज़्यादा फुटफॉल देखने को मिला है. प्रधानमंत्री मोदी के अवधारणा से प्रेरित होकर आज के इस कार्यक्रम में उद्घाटन सत्र में 30 देशों के राजदूत और न्यूयॉर्क, USA से भारतीय मूल के राजनेता, सोशल वर्कर, फ़िलन्थ्रॉपिस्ट राज तिवारियाओनी पूरी टीम के साथ जिस प्रकार से उन्होंने इस कार्यक्रम में शिरकस की है, यह इस बात को दर्शाता है कि मेड इन इंडिया अब ग्लोबल इंडिया की आई बन चुका है अब भारत के व्यापारी भारत में बना हुआ सामान, पूरी दुनिया की नजरें उसपर तक-तकी लगती हुई है.”
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