दिल्ली से नोएडा आने वालों के लिए बड़ी खबर, अब इस रूट पर नहीं मिलेगा जाम


पूर्वी दिल्ली में रोजाना जाम से जूझने वाले वाहन चालकों के लिए कोंडली से बड़ी खबर है. गाजीपुर ड्रेन और हिंडन नहर के ऊपर तैयार किए गए दो 2-लेन स्लिप रोड पुल अब शुरू हो गए हैं. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को इनका लोकार्पण किया. नई सड़क व्यवस्था का मकसद कोंडली ब्रिज पर वाहनों की भीड़ घटाने के साथ कोंडली, कल्याणपुरी, गाजीपुर और आसपास के इलाकों के बीच आवाजाही को आसान बनाना है.

कोंडली ब्रिज के आसपास लंबे समय से एक बड़ी यातायात समस्या यह थी कि कल्याणपुरी, गाजीपुर और नोएडा की तरफ से आने-जाने वाले वाहन एक ही हिस्से में आकर मिलते थे. खासकर सुबह और शाम के व्यस्त समय में वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम की स्थिति बनती थी. नए स्लिप रोड इसी दबाव को अलग-अलग रास्तों में बांटने के लिए तैयार किए गए हैं. इससे मुख्य चौराहे पर वाहनों की आवाजाही पहले के मुकाबले अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है.

कोंडली से गाजीपुर और नोएडा जाने वालों के लिए क्या बदलेगा

नई कनेक्टिविटी चंद सिनेमा रोड, गाजीपुर रोड और कोंडली ब्रिज के बीच संपर्क को मजबूत करेगी. इसका असर केवल कोंडली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कल्याणपुरी, गाजीपुर और गाजीपुर डेयरी फार्म रोड से जुड़े बड़े इलाके को भी मिलेगा. सरकार के मुताबिक इस व्यवस्था से लाखों लोगों के रोजाना सफर में समय बच सकता है और उन्हें वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा.

परियोजना में पुलों की नींव 1200 मिमी व्यास के आरसीसी कास्ट-इन-सीटू पाइल्स से तैयार की गई है. नालों के ऊपर स्टील प्लेट गर्डर्स लगाए गए हैं. इसके साथ पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ की व्यवस्था भी की गई है. यानी परियोजना का उद्देश्य केवल वाहनों को निकालना नहीं, बल्कि पुल से गुजरने वाले पैदल लोगों के लिए भी सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराना है.

मुख्यमंत्री ने मौके पर जाकर देखा पूरा इंतजाम

लोकार्पण के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पुल का निरीक्षण किया. उन्होंने निर्माण की संरचना के साथ यातायात प्रबंधन से जुड़े इंतजामों की जानकारी ली. उनके साथ केंद्रीय राज्य मंत्री और पूर्वी दिल्ली के सांसद हर्ष मल्होत्रा, PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, पटपड़गंज विधायक रविन्द्र सिंह नेगी और त्रिलोकपुरी विधायक रवि कांत सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में सड़क और परिवहन से जुड़ी परियोजनाओं का उद्देश्य लोगों की रोजमर्रा की परेशानियां कम करना है. उनके मुताबिक बेहतर सड़क संपर्क के साथ ट्रैफिक का दबाव घटाना और अलग-अलग इलाकों के बीच सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है. कोंडली की परियोजना को उन्होंने इसी दिशा में उठाया गया कदम बताया.

सरकार के मुताबिक स्लिप रोड परियोजना नई नहीं थी. इसे पहले ही मंजूरी मिल चुकी थी, लेकिन आगे का काम जरूरी NOC और अन्य स्वीकृतियों के अभाव में आगे नहीं बढ़ पाया. मुख्यमंत्री ने बताया कि नई सरकार के कार्यकाल में आवश्यक मंजूरियां मिलने के बाद परियोजना के लिए दोबारा फंड जारी किया गया और निर्माण कार्य को पूरा कराया गया. अब इसे जनता के इस्तेमाल के लिए खोल दिया गया है.

मुख्यमंत्री ने दिल्ली के पुराने ड्रेनेज नेटवर्क को लेकर भी चिंता जताई. उनका कहना था कि शहर की आबादी और जरूरतें लगातार बढ़ीं, लेकिन पुराने नालों के अपग्रेडेशन, डिसिल्टिंग और रखरखाव पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया. बारिश के दौरान जलभराव की समस्या इसी स्थिति का एक बड़ा परिणाम रही है. सरकार अब ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूत करने और जलभराव के स्थायी समाधान की दिशा में काम करने की बात कह रही है.

हर्ष मल्होत्रा ने बताया किन इलाकों को होगा फायदा

केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि कोंडली में बने दोनों स्लिप रोड ब्रिज से त्रिलोकपुरी, कोंडली और पटपड़गंज विधानसभा क्षेत्रों के लोगों को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा. उन्होंने दिल्ली में लंबे समय से अटकी विकास परियोजनाओं को गति मिलने का भी दावा किया.

PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह के अनुसार नई व्यवस्था से कोंडली, कल्याणपुरी, गाजीपुर और आसपास के इलाकों के लोगों को आने-जाने के लिए अतिरिक्त विकल्प मिलेगा. उनका कहना है कि इसका सबसे अहम फायदा मौजूदा कोंडली ब्रिज पर पड़ने वाले यातायात दबाव को कम करने के रूप में सामने आ सकता है.

परियोजना के लोकार्पण के दौरान राजनीतिक विरोध भी सामने आया. कार्यक्रम स्थल से कुछ दूरी पर आम आदमी पार्टी विधायक कुलदीप कुमार के समर्थकों ने सरकार और PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह के खिलाफ प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि विधानसभा में विधायक कुलदीप कुमार के साथ मंत्री ने अपमानजनक व्यवहार किया था और उन्हें माफी मांगनी चाहिए.

पुल कब बना और उद्घाटन अब क्यों, AAP ने उठाया सवाल

प्रदर्शन कर रहे AAP समर्थकों ने परियोजना को लेकर भी सवाल खड़े किए. उनका दावा था कि पुल का निर्माण अरविंद केजरीवाल सरकार के कार्यकाल में शुरू हुआ था और यह कई महीने पहले ही तैयार हो चुका था. उनका सवाल था कि तैयार परियोजना का उद्घाटन अब किया जा रहा है.

इन आरोपों पर PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि पिछली सरकार जिन कामों को दस साल में पूरा नहीं कर सकी, उनकी सरकार ने डेढ़ साल में उससे ज्यादा काम करके दिखाया है. मंत्री ने विपक्ष पर राजनीतिक विवाद खड़ा करने का आरोप लगाया.



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Prime Haryana
Author: Prime Haryana

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