फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष उषा प्रियदर्शिनी ने जिले के बीके नागरिक अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों और ओपीडी में स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया तथा मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं। निरीक्षण के दौरान क्यू मैनेजमेंट, टोकन सिस्टम और साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और अस्पताल प्रशासन को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

उषा प्रियदर्शिनी ने मातृत्व वार्ड, ओपीडी सहित अस्पताल के विभिन्न विभागों का दौरा किया। उन्होंने वेंटिलेशन, पेयजल, साफ-सफाई और मरीजों के लिए उपलब्ध अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति देखी। मरीजों से बातचीत के दौरान उन्होंने अस्पताल में मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं और उपचार के दौरान आने वाली परेशानियों के बारे में भी जानकारी ली।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अस्पताल में क्यू मैनेजमेंट और टोकन सिस्टम को बेहतर बनाया जाए, ताकि मरीजों को उपचार के लिए अनावश्यक रूप से इंतजार न करना पड़े। सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को भी निजी अस्पतालों की तरह व्यवस्थित, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए। महिला आयोग अध्यक्ष ने अस्पताल प्रशासन को परिसर में स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण बनाए रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पेयजल, साफ-सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं की नियमित निगरानी की जाए तथा किसी भी तरह की कमी सामने आने पर उसे तत्काल दूर किया जाए।
डॉक्टरों और स्टाफ का रोस्टर व्यवस्थित रखने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान उषा प्रियदर्शिनी ने चिकित्सकों और मेडिकल स्टाफ की ड्यूटी तथा अवकाश व्यवस्था की भी जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ का ड्यूटी एवं अवकाश रोस्टर इस तरह तैयार किया जाए कि किसी भी परिस्थिति में मरीजों के उपचार पर असर न पड़े। उन्होंने पर्याप्त मानव संसाधन और समय पर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए जरूरी बताया।
पॉश कमेटी के लंबित मामलों की समीक्षा
अस्पताल के निरीक्षण के बाद महिला आयोग अध्यक्ष ने आंतरिक शिकायत समिति (पॉश कमेटी) के सदस्यों के साथ बैठक की। बैठक में कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न से संबंधित शिकायतों, लंबित मामलों और उन पर की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई। उन्होंने समिति को प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से निस्तारण करने के निर्देश दिए।
साथ ही कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल सुनिश्चित करने तथा इससे संबंधित सभी नियमों का प्रभावी ढंग से पालन करने को कहा। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी और अस्पताल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
