49वें वर्षायोग एवं मंगल कलश स्थापना समारोह में उपाध्याय श्री 108 (डॉ.) गुप्ति सागर जी से लिया आशीर्वाद
गन्नौर, (प्राइम न्यूज़ ब्यूरो)। हरियाणा के राजस्व, शहरी स्थानीय निकाय, नागरिक उड्डयन एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल ने गन्नौर स्थित जैनतीर्थ गुप्तिधाम में आयोजित 49वें वर्षायोग–आदर्श चातुर्मास 2026 एवं मंगल कलश स्थापना समारोह में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने परम पूज्य राष्ट्रसंत उपाध्याय श्री 108 (डॉ.) गुप्ति सागर जी गुरुदेव के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

समारोह में हरियाणा भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली सहित अनेक संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि, विशिष्ट अतिथि, जैन समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि उपाध्याय श्री 108 (डॉ.) गुप्ति सागर जी का जीवन त्याग, तप, संयम, सेवा और राष्ट्र समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। उनका आध्यात्मिक चिंतन केवल धर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र के सर्वांगीण उत्थान का मार्ग भी प्रशस्त करता है। उनके विचार मानवता, नैतिक मूल्यों और राष्ट्रहित को नई दिशा देने के साथ लोगों को समाजसेवा के लिए प्रेरित करते हैं।
विपुल गोयल ने कहा कि गुरुदेव की प्रेरणा से स्थापित राष्ट्र मंदिर कामधेनु संस्थान समाजसेवा का अनुकरणीय उदाहरण है। संस्थान में प्रतिभाशाली युवाओं को यूपीएससी, आईएएस, आईपीएस और न्यायिक सेवाओं जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी कराई जाती है। यहां अवसर का आधार जाति, वर्ग या आर्थिक स्थिति नहीं, बल्कि समानता, अनुशासन और मानवीय मूल्य हैं।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रयास यह साबित करते हैं कि धार्मिक और सामाजिक संस्थाएं भी राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। शिक्षा और संस्कार के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ाने का यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक है।
युवा शक्ति विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि युवा शक्ति विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत है। केंद्र और हरियाणा सरकार शिक्षा, कौशल विकास, छात्रवृत्ति, रोजगार तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं चला रही हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी मूल्य आधारित, संस्कारयुक्त और रोजगारोन्मुखी शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार और समाज जब मिलकर युवाओं के भविष्य के लिए काम करते हैं तो देश की प्रगति को नई गति मिलती है।
चातुर्मास आत्मचिंतन और साधना का पवित्र काल
विपुल गोयल ने कहा कि चातुर्मास भारतीय आध्यात्मिक परंपरा का अत्यंत पवित्र काल है। यह आत्मचिंतन, संयम, साधना, सेवा और आत्मशुद्धि का संदेश देता है। वहीं मंगल कलश स्थापना समाज में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है। उन्होंने विश्वास जताया कि गुरुदेव के सान्निध्य में आयोजित 49वां वर्षायोग समाज में सद्भाव, नैतिकता, राष्ट्रभक्ति और मानवीय मूल्यों को और मजबूत करेगा। साथ ही नई पीढ़ी को संस्कार, सेवा और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझने की प्रेरणा मिलेगी।
आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने जैनतीर्थ गुप्तिधाम की आयोजन समिति द्वारा किए गए भव्य एवं सुव्यवस्थित आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आध्यात्मिक आयोजन समाज को जोड़ने, सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध को मजबूत करने का कार्य करते हैं।
उन्होंने आयोजन समिति का आभार व्यक्त करते हुए सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। साथ ही गुरुदेव के श्रीचरणों में नमन करते हुए हरियाणा और देश की सुख-समृद्धि, शांति एवं निरंतर प्रगति की मंगलकामना की।
इस अवसर पर सोनीपत के महापौर राजीव जैन, सोनीपत भाजपा जिला अध्यक्ष अशोक भारद्वाज सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, जैन समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
