फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। बल्लभगढ़ क्षेत्र के खंदावली गांव के किसानों के लिए सिंचाई विभाग का रजवाहा पिछले कई वर्षों से बड़ी परेशानी का कारण बना हुआ है। हर वर्ष रजवाहा टूटने या ओवरफ्लो होने से दर्जनों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो जाती है, जिससे किसानों की खरीफ और रबी दोनों मौसम की फसलें बर्बाद हो जाती हैं। लगातार हो रहे नुकसान के बावजूद किसानों की समस्या का अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

जानकारी के अनुसार, सिंचाई विभाग के हरचंदपुर उपमंडल का यह रजवाहा गुरुग्राम नहर से निकलकर खंदावली, कैल, शाहपुर खुर्द, जाजरू होते हुए पियाला तक पहुंचता है। समय के साथ इन गांवों के आसपास बड़ी संख्या में अवैध कॉलोनियां विकसित हो गई हैं, जिसके कारण रजवाहे का पानी पहले की तरह सिंचाई में उपयोग नहीं हो पाता और जल निकासी की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि रजवाहे की नियमित सफाई और रखरखाव नहीं होने से उसमें झाड़ियां और गाद भर गई है। परिणामस्वरूप पानी का प्रवाह बाधित होता है और कई स्थानों पर रजवाहा टूट जाता है। इसके बाद पानी खेतों में भर जाता है, जिससे फसलें पूरी तरह नष्ट हो जाती हैं और किसानों को हर साल भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
गांव के किसान रफीक, रियाज, कासिम, फरीक और जफरू सहित कई किसानों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि गांव से जिला परिषद चेयरमैन विजय लोहिया होने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
वहीं, जिन लोगों ने आसपास जमीन खरीदकर मकान बनाए हैं, उन्हें भी जलभराव के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में बल्लभगढ़ के एसडीएम मयंक भारद्वाज ने बताया कि विभागीय अधिकारियों के साथ मौके का निरीक्षण किया जा चुका है। उन्होंने स्वीकार किया कि किसानों को पिछले कई वर्षों से फसलों के नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
समस्या के स्थायी समाधान के लिए रजवाहे को सीकरी के जोहड़ से जोड़ने की योजना तैयार की गई है। इसके तहत रजवाहे का अतिरिक्त पानी सीकरी जोहड़ में पहुंचाया जाएगा और वहां से गौंछी ड्रेन के माध्यम से निकासी की जाएगी, ताकि पानी का बेहतर उपयोग हो सके और खेतों में जलभराव की समस्या समाप्त हो। एसडीएम ने बताया कि लगातार बारिश के कारण फिलहाल कार्य शुरू नहीं हो पाया है, लेकिन मौसम अनुकूल होते ही योजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
सोर्स: दैनिक जागरण