फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सेक्टर-7 और सेक्टर-14 में आयोजित कार्यक्रमों में हरियाणा के राजस्व एवं शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया “एक पेड़ मां के नाम” अभियान प्रकृति और संस्कृति को जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने लोगों से हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि केवल पौधारोपण ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पौधों को वृक्ष बनने तक संरक्षित रखना भी उतना ही आवश्यक है।
विपुल गोयल ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार सतत विकास, हरित भविष्य और स्वच्छ पर्यावरण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इसी कड़ी में फरीदाबाद विधानसभा क्षेत्र में अगले 15 दिनों के भीतर 45 नए ईको वन विकसित किए जाएंगे। सेक्टर-7, 8, 9, 10, 11 और 14 सहित विभिन्न क्षेत्रों में इन परियोजनाओं पर कार्य शुरू किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र में पहले से 15 ईको वन सफलतापूर्वक विकसित किए जा चुके हैं और भविष्य में इनकी संख्या 100 से अधिक करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उनके अनुसार ईको वन न केवल हरियाली बढ़ाने में सहायक हैं, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण, जैव विविधता संरक्षण, तापमान संतुलन और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सेक्टर-4 से सेक्टर-7 तक बनेगा ऑक्सीजन कॉरिडोर
मंत्री ने घोषणा की कि सेक्टर-4 से सेक्टर-7 तक फैली ग्रीन बेल्ट को विकसित कर एक बड़े ऑक्सीजन कॉरिडोर का रूप दिया जाएगा। यह परियोजना शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाने के साथ-साथ वायु प्रदूषण कम करने और नागरिकों को बेहतर पर्यावरण उपलब्ध कराने में मददगार साबित होगी।
उन्होंने उद्योगपतियों, सामाजिक संगठनों, आरडब्ल्यूए, युवाओं और आम नागरिकों से ईको वन अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि जनसहभागिता से ही पर्यावरण संरक्षण के प्रयास स्थायी और सफल बन सकते हैं।
वेस्ट मैनेजमेंट पार्क का उद्घाटन
कार्यक्रम के दौरान वेस्ट मैनेजमेंट पार्क का उद्घाटन भी किया गया। विपुल गोयल ने कहा कि वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं। ऐसे प्रयास “स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत” अभियान को और अधिक मजबूती प्रदान करेंगे।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण के प्रति जागरूक और जिम्मेदार नागरिक तैयार करने में शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। बच्चों और युवाओं में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना दीर्घकालिक समाधान का आधार है।
विकास परियोजनाओं को भी मिली मंजूरी
मंत्री ने बताया कि सेक्टर-14 सामुदायिक केंद्र के पुनर्निर्माण के लिए लगभग 9 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत की गई है। वहीं सेक्टर-14 मार्केट के सौंदर्यीकरण और उन्नयन के लिए करीब 2.5 करोड़ रुपये की लागत से कार्य शुरू किया जाएगा। सेंट्रल पार्क में एस्ट्रोटर्फ, ओपन जिम और अन्य आधुनिक सुविधाओं को भी मंजूरी मिल चुकी है।
उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार जलभराव की समस्या में करीब 90 प्रतिशत तक सुधार देखने को मिलेगा। यदि कहीं कोई समस्या शेष रहती है तो उसका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
महिलाओं की भूमिका की सराहना
विपुल गोयल ने सेक्टर-14 आरडब्ल्यूए की नवगठित टीम और विशेष रूप से महिला पदाधिकारियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं को नेतृत्व के अवसर मिलने पर वे समर्पण और दक्षता के साथ उत्कृष्ट परिणाम देती हैं।
उन्होंने कहा कि “जल है तो कल है” केवल एक नारा नहीं बल्कि जीवन का आधार है। पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छता, ऊर्जा बचत और अधिकाधिक वृक्षारोपण को जन-जन का अभियान बनाना होगा, तभी फरीदाबाद को स्वच्छ, हरित और पर्यावरण-अनुकूल शहर बनाया जा सकेगा।
कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, आरडब्ल्यूए पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, उद्योगपति, पत्रकार और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने हरित फरीदाबाद और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।