फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए उपायुक्त आयुष सिन्हा की अध्यक्षता में लघु सचिवालय स्थित सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के कारणों की पहचान, रोड सेफ्टी ऑडिट और दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुधारात्मक कदमों पर चर्चा हुई। डीसी ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर रॉन्ग साइड वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

डीसी ने कहा की ऐसे वाहनों के चालान बढ़ाने और नियमो का पालन न करने पर इंपाउंड किया जाये। गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड पर रोड मार्किंग और स्ट्रीट लाइट व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही एफएमडीए को नहर पार क्षेत्र में पैचवर्क 10 से 15 दिनों में पूरा कर रिपोर्ट देने को कहा गया। डीसी ने बीके सिविल अस्पताल के सामने अवैध रूप से खड़े वाहनों और ऑटो को हटाने, इंपाउंड करने और इसके लिए 24 घंटे ड्यूटी लगाने के आदेश जारी किए गए।
डीसी ने एनएचएआई, एफएमडीए, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम सहित संबंधित विभागों को रोड सेफ्टी ऑडिट और कंप्लायंस रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने खुले नालों व दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में फेंसिंग, साइनेज और सुरक्षा उपाय करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को गड्ढों, टूटी ग्रिल, खराब साइन बोर्ड और प्रकाश व्यवस्था जैसी कमियों को प्राथमिकता से दूर करने को कहा गया, ताकि सड़क हादसों में कमी लाई जा सके।
गौरतलब है की फरीदाबाद में बुधवार को दिल्ली-मुंबई-वडोदरा एक्सप्रेसवे पर दो गाड़ियों की भीषण टक्कर में वकील की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब एक्सप्रेसवे पर रॉन्ग साइड से आ रही कोरोला एल्टिस कार सामने से आ रही इनोवा कार से भिड़ गई। टक्कर होते ही दोनों गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए। कोरोला ड्राइव कर रहे वकील गाड़ी से अकेले घर जा रहे थे, जबकि इनोवा में 4 लोग सवार थे जो शादी में शामिल होने के लिए जयपुर जा रहे थे। इनोवा कार को ड्राइव कर रहा युवक भी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।