जूट बैग निर्माण से आत्मनिर्भर बनीं सुनीता, ग्रामीण महिलाओं के लिए भी बनीं प्रेरणा

उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने सराहनीय पहल बताकर की प्रशंसा
स्यारौली गांव की सुनीता ने सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुडक़र शुरू किया ‘सुनीता बैग कलेक्शन’, 12 महिलाओं को दिया रोजगार

हथीन (पलवल), (प्राइम न्यूज़ ब्यूरो)। हथीन के गांव स्यारौली की निवासी सुनीता धर्मपत्नी रामजीत जूट से बने विभिन्न प्रकार के बैग तैयार कर अपनी आजीविका चला रही हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। सुनीता के पति किसान हैं, जबकि सुनीता ने महिलाओं को संगठित कर सेल्फ हेल्प ग्रुप से जोड़ते हुए सिलाई एवं टेलरिंग का प्रशिक्षण लिया।

इसके साथ ही अन्य महिलाओं को भी प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनने का मार्ग दिखाया। उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने भी उनके इस कार्य को सराहनीय पहल बताकर प्रशंसा की। सुनीता ने वर्ष 2017 में सरकार की पहल सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुडक़र यह कार्य प्रारंभ किया था। वर्तमान में उनके साथ 12 महिलाएं कार्यरत हैं और वे प्रतिमाह लगभग 50 से 60 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं।

सुनीता जूट के अलावा कपड़े से बने स्कूल बैग, लैपटॉप बैग, लेडीज बैग, लंच बैग, हैंडबैग सहित विभिन्न प्रकार के बैग का निर्माण करती हैं। इन बैग्स के लिए आवश्यक कच्चा माल वे दिल्ली से खरीदती हैं। अपने उत्पादों की बिक्री के लिए सुनीता ने गांव मंडकोला में ‘ग्राम दुकान’ के नाम से शॉप खोल रखी है। इसके अलावा होडल, हथीन और पलवल की अन्य दुकानों पर भी उनके उत्पाद उपलब्ध हैं।

डेवलपमेंट अल्टरनेटिव संस्था ने सुनीता की सहायता के लिए उनके गांव में बैग निर्माण से संबंधित प्रोडक्ट डेवलपमेंट ट्रेनिंग का आयोजन किया। जब समूह के उत्पाद बिक्री के लिए तैयार हो गए, तो उन्हें पलवल एवं दिल्ली के बाजारों से जोड़ा गया। संस्था ने कच्चे माल की लागत कम करने के लिए होलसेल मार्केट से सामग्री खरीदने में भी सहयोग किया। इस समूह का नेतृत्व सुनीता स्वयं कर रही हैं और उन्होंने ‘सुनीता बैग कलेक्शन’ नाम से ग्रुप एंटरप्राइज शुरू किया है।

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Author: Prime Haryana

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