पलवल, (प्राइम न्यूज़ ब्यूरो)। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम पलवल के अधीक्षण अभियंता रंजन राव ने बताया कि बिजली उपभोक्ता अब बिजली बचत की दिशा में विकल्प चुनते हुए सोलर ऊर्जा को अपना रहे हैं। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत जिले में सैकड़ों लोगों ने अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल स्थापित करवाए हैं। सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी के कारण यह योजना आमजन के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है।

उन्होंने बताया कि इससे सरकार की भी बिजली बचत हो रही है योजना के तहत जिले में अब तक 2671 उपभोक्ताओं ने सोलर पैनल लगाने के लिए आवेदन किया है। जिनमें से 503 उपभोक्ताओं के घरों में सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं। पलवल डिवीजन क्षेत्र में सबसे अधिक 1101 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 288 उपभोक्ताओं को सोलर कनेक्शन जारी किए गए हैं। नूंह डिवीजन क्षेत्र से 942 आवेदन आए हैं, जिनमें 114 उपभोक्ताओं को लाभ मिला है।
जबकि होडल डिविजन क्षेत्र से 628 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 101 उपभोक्ताओं को सोलर कनेक्शन जारी किए गए हैं।
सरकार दे रही आकर्षक सब्सिडी
अधीक्षण अभियंता ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 1.80 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले लाभार्थियों को 2 किलोवाट के सोलर पैनल पर केंद्र सरकार द्वारा 60 हजार रुपये तथा राज्य सरकार द्वारा 50 हजार रुपये की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। वहीं 1.80 लाख से 3 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले लाभार्थियों को 2 किलोवाट के सोलर पैनल पर 60 हजार रुपये केंद्र सरकार तथा 20 हजार रुपये राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी दी जा रही है।
इसके अतिरिक्त 3 किलोवाट के सोलर पैनल पर केंद्र सरकार द्वारा 78 हजार रुपये की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि सोलर पैनल लगवाने वाले उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में उल्लेखनीय कमी आई है। यह योजना ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
इमपैनल्ड वेंडर से लगवाने पर ही मिलेगा सब्सिडी लाभ
अधीक्षण अभियंता रंजन राव ने बताया कि योजना के तहत सब्सिडी प्राप्त करने के लिए उपभोक्ताओं को विभागीय वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा तथा निगम की इमपैनल्ड वेंडर सूची में शामिल वेंडर का चयन करना अनिवार्य है। सोलर पैनल की स्थापना के बाद निगम द्वारा भौतिक निरीक्षण किया जाता है। निरीक्षण पूर्ण होने के उपरांत उपभोक्ता की श्रेणी एवं सोलर पैनल की क्षमता के अनुसार निर्धारित सब्सिडी राशि सीधे उपभोक्ता के बैंक खाते में स्थानांतरित कर दी जाती है।