फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। शहर में शुक्रवार सुबह से दोपहर तक हुई लगातार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। नेशनल हाईवे समेत शहर की 10 प्रमुख सड़कों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम के कारण वाहन रेंगते नजर आए। ओल्ड फरीदाबाद और मेवला महाराजपुर रेलवे अंडरपास में पानी भरने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

मौसम विभाग के अनुसार जिले में 5.6 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश से अधिकतम तापमान में चार डिग्री की गिरावट दर्ज की। गुरुवार के मुकाबले शुक्रवार को फरीदाबाद का अधिकतम तापमान 20 और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं बारिश के चलते बिजली आपूर्ति भी करीब पांच घंटे तक बाधित रही, जिससे लोगों को परेशानी से जूझना पड़ा।
घरों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित रही।
पिछले दो दिनों से शहर के मौसम में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है। सुबह तेज धूप निकल रही थी, शाम को ठंड बढ़ जाता है। गुरुवार को मौसम ने करवट ली। स्मार्ट सिटी में रात से ही रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है। शुक्रवार दोपहर बाद हल्का मौसम खुला, लेकिन आसमान में बादल छाये रहे। इस दौरान करीब 11 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चली। शीत लहर के चलते दिनभर लोग ठिठुरते नजर आए। वहीं
बारिश के चलते सुबह के समय स्कूल और ऑफिस जाने वाले लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बल्लभगढ़ बस स्टैंड पर पानी भरने से परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई और कई रूटों पर बसें देरी से चलीं। रेलवे स्टेशन पर वेटिंग रूम की व्यवस्था न होने से यात्रियों को बारिश में ही खड़े होकर ट्रेन का इंतजार करना पड़ा। सुबह के समय बारिश होने के कारण बीके अस्पताल और ईएसआई अस्पताल में मरीजों की संख्या भी अपेक्षाकृत कम रही। कई लोग फिसलन और जलभराव के डर से घरों से बाहर निकलने से बचते नजर आए। दूसरी ओर, नगर निगम और एफएमडीए की बारिश से राहत की तैयारियों पर काम नहीं आई। करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव से लोगों को परेशानी से जूझना पड़ा।
—
प्रशासन के इंतजाम नाकाफी
औद्योगिक नगर में सरकार और प्रशासन द्वारा विकास के बड़े-बड़े किए जाते है। प्रशासन की ओर से जलभराव से निपटने के लिए हर विभागों को जिम्मेदारी सौंपी हुई है, जिससे की जहां भी जलभराव हो वहां टीम तुरंत पहुंच कर समाधान कर सके। वहीं निगम की ओर से पिछले दिनों व्यापक स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया गया था। नालों की जेसीबी से सफाई कराई गई। सफाई के दौरान कई नाले सालों से बंद पाए गए। उन्हें दोबारा से खोला गया। कुछ नालों का जुटाव ही नहीं मिला। हालांकि अधिकारियों का दावा था कि बारिश में सड़कों पर जलभराव नहीं होगा। ड्रेनेज लाइनों को चालू करने का काम तेजी से किया जा रहा है। बूस्टर की देखरेख की जा रही है। अंडरपास में पानी न भरे इसके लिए करोड़ों रुपये के पाइप डाले गए। उच्च क्षमता की मोटर लगाई गई। बूस्टर स्टेशन बनाए गए। दावा किया गया कि बारिश होने पर कुछ ही देर में अंडरपास का पानी निकल जाएगा,लेकिन, शुक्रवार हुई बारिश में उसका भी कोई खास फायदा देखने को नहीं मिला।
—
हाईवे पर एक किमी मीटर लंबा जाम
बारिश से हाईवे सहित शहर की मुख्य सड़कों पर जलभराव से यातायात व्यवस्था चरमरा गई। राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाटा चौक, अजरौंदा चौक, सेक्टर-7-8 चौक, बल्लभगढ़ बस अड्डा चौक, वाईएमसीए चौक पर पानी भरने से जाम स्थिति बन गई। एक किमी लंबा जाम लग गया। इसके अलावा डबुआ काॅलोनी, 60 फुट रोड, सेक्टर-22, 23 और सेक्टर-15ए में घुटना तक पानी भरा होने से लोगों को काफी परेशानी हुई।
—
इन सड़कों पर रहा जलभराव
सेक्टर-10-11 की डिवाइडिंग सड़क, सेक्टर-16 के विश्राम गृह वाली सड़क, सेक्टर-11 व 12 की सड़क, सेक्टर, छह, सात, आठ, नौ, 15 समेत अन्य सेक्टरों की मुख्य सड़कें, बीके-हार्डवेयर चौक, एयरफोर्स रोड, रेलवे रोड, राष्ट्रीय राजमार्ग पर गुड ईयर चौक से सेक्टर-7 और सात के डिवाइडिंग रोड पर, सेक्टर-7 और 9 की हुड्डा मार्केट आदि जगहों पर पानी भर गया। सड़कों पर जमा हुए पानी के कारण राहगीरों व वाहन चालकों को भारी परेशानी हुई।
—
पांच घंटे बिजली आपूर्ति रही ठप
बारिश के चलते शुक्रवार को बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही। शहर के अलग-अलग इलाकों की बात करें तो सरूरपुर, राजीव कॉलोनी, जीवन नगर पार्ट-2, बड़खल गांव, संजय कॉलोनी, जवाहर कॉलोनी आदि क्षेत्रों में सुबह करीब 5 बजे लाइट गई।इसके बाद 9 बजे आई, कुछ देर बाद फिर चली। इस तरह बिजली की आंख बिचौली का खेल दिनभर चलता रहा।बिजली के कारण घरों में पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई। ऐसे में लोगों को टैंकरों से पानी खरीद कर काम चलाना पड़ा।