फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर फरीदाबाद महानगर (पूर्व) द्वारा एक विशेष प्रबुद्ध नागरिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य संघ की 100 वर्षों की राष्ट्र साधना की यात्रा को स्मरण करना और भविष्य के ‘पंच परिवर्तन’ के माध्यम से समाज जागरण का आह्वान करना था।

कार्यक्रम का आयोजन सेक्टर-11 स्थित मिलन वाटिका में किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में जीवा आयुर्वेद के संस्थापक निदेशक डॉ. प्रताप चौहान, मुख्य वक्ता डॉ. कृष्ण गोपाल (सह-सरकार्यवाह, RSS), अखिल भारतीय संपर्क टोली के सदस्य श्रीकृष्ण सिंघल और विभाग संघचालक डॉ. अरविंद सूद उपस्थित रहे। संगोष्ठी का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ।
अपने उद्बोधन में डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि संघ 1925 में नागपुर से शुरू हुआ और आज समाज के सहयोग से एक वटवृक्ष का रूप ले चुका है। उन्होंने बताया कि संघ की यात्रा केवल संगठन की नहीं बल्कि समाज की सामूहिक चेतना की गाथा है। उन्होंने ‘पंच परिवर्तन’ के पांच स्तंभों – समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, स्वदेशी जीवन शैली और नागरिक कर्तव्य – पर विशेष बल दिया। उनके अनुसार यही स्तंभ राष्ट्र को परम वैभव तक ले जाने का मार्ग प्रशस्त करेंगे।
डॉ. प्रताप चौहान ने आयुर्वेद और भारतीय संस्कृति के महत्व को रेखांकित करते हुए संघ की समाज उत्थान में भूमिका की सराहना की। श्रीकृष्ण सिंघल ने शताब्दी वर्ष की आगामी योजनाओं और कार्यक्रमों की रूपरेखा साझा की।
महानगर संघचालक उमेश कुमार ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। संगोष्ठी में शहर के प्रबुद्ध नागरिकों, व्यापारियों, सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के सफल प्रबंधन में दीपक अग्रवाल, दीपक ठुकराल और राकेश गुप्ता का विशेष सहयोग रहा।
समापन पर उपस्थित नागरिकों के लिए जलपान की व्यवस्था की गई। यह संगोष्ठी संघ की शताब्दी वर्ष की ऐतिहासिक यात्रा और समाज जागरण के संकल्प का प्रतीक बनी