दिल्ली के जैतपुर और फरीदाबाद के इस्माइलपुर बॉर्डर पर निगम क्षेत्र मे लगा है कूड़े का अंबार

फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। शहर में नगर निगम की ओर से जहां कूड़ा फेंकने पर जुर्माना के बोर्ड लगाए गए हैं। लोग वहीं जमकर कूड़ा फेंक रहे हैं।मौके पर निगरानी की काेई व्यवस्था नहीं है, जिससे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के दिल्ली-फरीदाबाद बोर्डर पर जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे है।एक्सप्रेसवे की सुंदरता धूमिल रही है। नगर निगम की ओर से करीब एक साल पहले दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे को साफ स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए पहल की गई थी।

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इसके तहत निगम ने दिल्ली के जैतपुर और फरीदाबाद के इस्माइलपुर बॉर्डर के साथ ही सेक्टर-17 चौक पर निगम क्षेत्र में जहां बड़े-बड़े चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, वहीं उनके ठीक नीचे रोजाना खुलेआम कूड़ा फेंका जा रहा है। हालत यह है कि कूड़े के ढेर सड़क तक फैल गए हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चेतावनी बोर्ड पर साफ लिखा है कि कूड़ा फेंकने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा, लेकिन न तो किसी पर जुर्माना हुआ और न ही कोई ठोस कार्रवाई नजर आ रही है।

सीमावर्ती इलाके का फायदा उठाकर लोग डाल रहे कूड़ा
सीमावर्ती इलाके का फायदा उठाकर दिल्ली और फरीदाबाद दोनों तरफ के लोग यहां कचरा डाल रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि खासकर देर शाम और रात के समय दिल्ली की तरफ से गाड़ियां आती हैं और प्लास्टिक, घरेलू कचरा, निर्माण सामग्री का मलबा और होटल-ढाबों का कूड़ा यहां डालकर चली जाती हैं। सुबह तक यहां कूड़े का पहाड़ खड़ा हो जाता है। कई बार तो कूड़े में आग भी लगा दी जाती है, जिससे आसपास के इलाकों में धुआं फैल जाता है और सांस लेना मुश्किल हो जाता है।

कूड़े के ढेर से सड़क हुई संकरी
कूड़े के ढेर के कारण सड़क संकरी हो गई है। दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। बरसात के दिनों में हालात और बदतर हो जाते हैं, जब कूड़े से निकलने वाला गंदा पानी सड़क पर फैल जाता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने कई बार नगर निगम को शिकायत दी, लेकिन सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति होती है। दो-तीन दिन के लिए कूड़ा हटा दिया जाता है, फिर वही हालात बन जाते हैं।
सबसे गंभीर बात यह है कि नगर निगम ने यहां कूड़ा फेंकने पर प्रतिबंध के बोर्ड तो लगा दिए, लेकिन निगरानी की कोई व्यवस्था नहीं की। सीमावर्ती क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे नहीं होने का लोग खुलकर फायदा उठा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यहां कैमरे लगाए जाएं और नियमित निगरानी हो, तो कूड़ा फेंकने वालों पर आसानी से कार्रवाई की जा सकती है। लेकिन निगम की उदासीनता के चलते यह इलाका अवैध डंपिंग जोन बनता जा रहा है।

बीमारियों का खतरा बढ़ा
स्वास्थ्य के लिहाज से भी यह स्थिति बेहद खतरनाक है। खुले में पड़े कूड़े से बदबू फैलती है, मच्छर और मक्खियां पनपती हैं। आसपास रहने वाले लोगों को त्वचा रोग, सांस की समस्या और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। सबसे ज्यादा खतरा बच्चों और बुजुर्गों के लिए बना हुआ है। बदरपुर बोर्डर निवासी दीपक सिंगला और रोहताश सिंह ने कहा कि निगम अगर सच में सख्त होता तो चेतावनी बोर्ड के साथ-साथ नियमित गश्त, चालान की कार्रवाई और कूड़ा डालने वालों पर जुर्माना सुनिश्चित करता। दिल्ली-फरीदाबाद सीमा होने के कारण जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल दी जाती है और नुकसान आम लोगों को उठाना पड़ता है। लोगों की मांग है कि नगर निगम तत्काल प्रभाव से यहां स्थायी सफाई व्यवस्था करे, सीसीटीवी कैमरे लगाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे।

वर्जन
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर चेतावनी क बावजूद यदि कोई कूड़ा फेंकता है तो उसकी जांच कराई जाएगी। जल्द सीसीटीवी से निगरानी शुरू की जाएगी। इसके लिए अधिकारियों को आदेश दिए जाएंगे। -डॉ. गौरव अंतिल, अतिरिक्त आयुक्त, नगर निगम

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Author: Prime Haryana

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