रोहतक, (प्राइम न्यूज़ ब्यूरो)। हरियाणा के विश्वविद्यालयों में अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसरों के प्रदेश स्तरीय संगठन हरियाणा यूनिवर्सिटीज कांट्रेक्चुअल टीचर्स संघ के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को आम आदमी पार्टी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अनुराग ढांडा को अपना मांग पत्र सौंपा।

उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के रिक्त पदों पर स्थाई भर्ती लंबे वर्षों से रिक्त पदों के विरुद्ध अनुबंध पर काम कर रहे हजारों असिस्टेंट प्रोफेसरों पर छंटनी की तलवार लटक गई है। जिसको लेकर सब असिस्टेंट प्रोफेसर व उनके परिजनों में भारी आक्रोश है और अपने भविष्य को लेकर भारी चिंता है। इस पर आम आदमी पार्टी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अनुराग ढांडा ने कहा कि हुकटा की ओर ज्ञापन सौंपा गया है।
संघ के प्रतिनिधिमंडल पंजाब की तर्ज पर विश्वविद्यालय के अनुबंधित शिक्षकों के लिए पॉलिसी बनाकर नियमित करने की मांग की है। सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अनुराग ढांडा ने कहा कि असिस्टेंट प्रोफेसर्स की मांग बिल्कुल जायज है। वर्षों से कार्यरत अनुबंध असिस्टेंट प्रोफेसर्स का रोजगार सुरक्षित किया जाए। उन्होंने कहा कि जब पंजाब में शिक्षकों को पक्का किया जा सकता है तो हरियाणा में खट्टर सरकार उनके हित में कोई फैसला क्यों नहीं ले रही है।
हुकटा के अध्यक्ष विजय मलिक ने बताया कि प्रदेश के 14 सरकारी विश्वविद्यालयों में लगभग 1000 असिस्टेंट प्रोफेसर अनुबंधित अस्थाई व विजिटिंग फैकल्टी के रूप में 3 से 15 वर्षों से वर्कलोड पर कार्यरत हैं। हम सभी की नियुक्ति यूजीसी के मानदंडों के अनुसार ही नियमानुसार की गई थी। हम सभी प्रारंभिक वेतनमान पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
