मछली और झींगा पालन में अपार संभावनाएं, सब्सिडी भी देती है सरकार

फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। डीसी विक्रम सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा मछली पालन को एक प्रमुख रोजगार के रूप में अपनाने के लिए बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मछली और झींगा पालन के अतंगर्त स्वरोजगार करने वाले लोगों को अनुदान दिया जा रहा है। जिला में फिलहाल कई एकड़ में मछली और झींगा पालन किया जा रहा है।

प्रदेश के किसानों व आमजन के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए अनेक योजनाएं क्रियान्वयन की जा रही हैं । इनमें से जिला में मछली और झींगा मछली पालन का व्यवसाय भी खूब फलने-फूलने लगा है। लोगों का झींगा पालन के प्रति रुझान दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है। पुरूषों के अलावा अब महिलाएं भी मछली और झींगा मछली पालन कर अच्छी खासी कमाई कर रही हैं। खारे पानी में झींगा पालन करना जिला के नागरिकों के लिए वरदान साबित हो रहे है।

जिला मत्स्य विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत लवणीय क्षारीय क्षेत्रों के लिए तालाबों का निर्माण परियोजना में लागत लगभग आठ लाख रुपए प्रति हेक्टेयर आती है। इसी प्रकार से लवणीय क्षारीय जल कृषि के लिए निविष्टियां परियोजना में लगभग छह लाख रूपए प्रति हेक्टेयर लागत आती है।

इस योजना में सामान्य वर्ग के लिए अनुदान की सीमा 40 प्रतिशत तथा कमजोर वर्ग/अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/महिला तथा सहकारी समिति के लिए 60 प्रतिशत अनुदान लाभार्थियों को प्रदान किया जाता है। प्रति हेक्टेयर पॉलिथीन लगाने पर आठ लाख रुपए पर 25 प्रतिशत की दर से अनुदान भी दिया जाता है। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक व्यक्ति खारे पानी में झींगा पालन के लिए स्थानीय डबुआ मण्डी में जिला मत्स्य अधिकारी कार्यालय में संपर्क करें।

 

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Author: Prime Haryana

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