फरीदाबाद की सड़कों के गड्ढों से मिनटों में मिलेगी राहत, गड्ढों के इलाज का देशभर में डंका

पर्यावरण मंत्रालय और सीपीसीबी की बुकलेट में शामिल हुआ फरीदाबाद का मॉडल, दूसरे राज्यों को अपनाने की सलाह

फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। शहर की सड़कों पर बने गड्ढों की मरम्मत के लिए अब लोगों को नगर निगम कार्यालय के चक्कर लगाने या एसडीओ और जेई से बार-बार शिकायत करने की जरूरत नहीं है। महज एक वाट्सएप संदेश या मोबाइल एप पर शिकायत दर्ज कराने के बाद नगर निगम की ‘पाटहोल एंबुलेंस’ मौके पर पहुंचकर कुछ ही मिनटों में गड्ढे की मरम्मत कर देती है।

फरीदाबाद नगर निगम की यह पहल अब देशभर में चर्चा का विषय बन गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और पर्यावरण मंत्रालय की ओर से जारी की गई स्वच्छ वायु सर्वेक्षण से संबंधित बुकलेट में फरीदाबाद की ‘पाटहोल एंबुलेंस’ को प्रदूषण नियंत्रण और स्वच्छ हवा के लिए किए जा रहे बेहतर उपायों में शामिल किया गया है। साथ ही इस मॉडल को दूसरे राज्यों में भी अपनाने का सुझाव दिया गया है।

24 घंटे में शिकायत का समाधान

नगर निगम ने गड्ढों की मरम्मत के लिए निजी एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी है। एजेंसी की एंबुलेंस में रेडीमेड पेचवर्क सामग्री उपलब्ध रहती है। शहर में कहीं से भी सड़क पर गड्ढे की शिकायत मिलने के बाद टीम मौके पर पहुंचकर तत्काल मरम्मत का काम शुरू कर देती है। लोग एजेंसी के वाट्सएप नंबर 9871699494 पर गड्ढे की जानकारी भेज सकते हैं। इसके अलावा ‘मेरी सड़क’ एप के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

निगम के अनुसार, प्राप्त शिकायतों का समाधान अधिकतम 24 घंटे के भीतर किया जाना जरूरी है।

एक साल पहले शुरू हुआ था प्रोजेक्ट

पाटहोल एंबुलेंस परियोजना को करीब *2.5 करोड़ रुपये की लागत से शुरू किया गया था। इसके लिए गुरुग्राम की एक निजी एजेंसी को ठेका दिया गया है। नगर निगम का दावा है कि परियोजना शुरू होने के बाद अब तक एक हजार से अधिक गड्ढों की मरम्मत की जा चुकी है। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, रेडीमेड पेचवर्क सामग्री के कारण सड़क के गड्ढे को भरने में कुछ ही मिनट लगते हैं।

इससे जहां सड़क की मरम्मत का काम तेजी से होता है, वहीं लंबे समय तक गड्ढों के खुले रहने से होने वाली धूल और यातायात संबंधी परेशानियों को भी कम करने में मदद मिलती है।

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में 14वां स्थान

फरीदाबाद ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में पिछले तीन वर्षों के दौरान 33 अंकों की छलांग लगाते हुए देश में 14वां स्थान हासिल किया है। इसी सर्वेक्षण के तहत शहर में अपनाए गए प्रभावी उपायों को भी चिन्हित किया गया है। सीपीसीबी और पर्यावरण मंत्रालय की ओर से जारी बुकलेट में पाटहोल एंबुलेंस को भी बेहतर उपाय के तौर पर शामिल किया गया है। दिल्ली में आयोजित केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बैठक में भी फरीदाबाद के इस मॉडल की सराहना की जा चुकी है।

नंबर गेम

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में फरीदाबाद ने देशभर में 14वां स्थान हासिल किया है। पिछले तीन वर्षों में शहर की रैंकिंग में 33 अंकों की छलांग लगी है। करीब एक साल पहले 2.5 करोड़ रुपये की लागत से शुरू किए गए पाटहोल एंबुलेंस प्रोजेक्ट के तहत अब तक एक हजार से अधिक गड्ढों की मरम्मत की जा चुकी है। शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर उसका समाधान करना अनिवार्य है।

क्या कहते हैं अधिकारी

“पाथहोल एंबुलेंस लगातार काम कर रही है। रेडीमेड सामग्री के जरिए सड़क के गड्ढों को भरने में कुछ ही मिनट लगते हैं। पर्यावरण मंत्रालय ने भी इस मॉडल को सराहते हुए अपनी बुकलेट में जगह दी है और दूसरे राज्यों को इसे अपनाने का सुझाव दिया है।”

नितिन कादियान, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम

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Author: Prime Haryana

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