पलवल, (सरूप सिंह)। ऑस्ट्रेलिया की ला ट्रोब यूनिवर्सिटी ने श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के सामने स्टूडेंट्स एक्सचेंज से लेकर विभिन्न अकादमिक और ट्रेनिंग नॉलेज साझा करने की पेशकश की है। ला ट्रोब यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कुलपति राज नेहरू के साथ बैठक की। इस बैठक में विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. आर एस राठौड़ और चार डीन भी मौजूद रहे।

भारत के पहले कौशल विश्वविद्यालय श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के साथ विश्व की कई बड़ी यूनिवर्सिटी साझेदारी के लिए हाथ आगे बढ़ा रही हैं। इसी कड़ी में ऑस्ट्रेलिया की ला ट्रोब यूनिवर्सिटी ने श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के साथ मिलकर रोजगार सृजन के क्षेत्र में आगे बढ़ने की पेशकश की है। ला ट्रोब की टीम ने ऑनलाइन मीटिंग में स्टूडेंट्स एक्सचेंज प्रोग्राम चलाने की पेशकश की है।
जिसके अंतर्गत ऑस्ट्रेलिया के स्टूडेंट्स भारत में आकर अपना कोर्स कर सकें और श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के विद्यार्थी मेलबर्न जाकर अपने कोर्स को पूरा कर सकें। साथ ही साथ ट्रेनिंग, अप्रेंटिसशिप, एंटरप्रेन्योरशिप और पाठ्यक्रम में साझेदारी पर भी विचार विमर्श किया गया। इसके अलावा विद्यार्थियों की वैश्विक स्तर पर अच्छे संस्थानों में प्लेसमेंट की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कुलपति राज नेहरू ने बताया कि हमारा उद्देश्य रोजगार के अवसर बढ़ाना और रोजगार के नए सृजन करना है। इस दिशा में ला ट्रोब यूनिवर्सिटी हमारे साथ मिलकर काम करना चाहती है। इसी मकसद से वहां के अधिकारियों के साथ बैठक की गई है। उन्होंने कहा कि श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय उद्यमिता के क्षेत्र में कॉफी प्रयासरत है और ला ट्रोब भी उद्यमियों के अनुभव को साथ लेकर इस क्षेत्र में काम कर रहा है।
