फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। मात्र 16 साल की उम्र में विहान गर्ग ने कांच की बोतलों का रियूज करके कैंसर पीड़ित बच्चों की मदद कर रहे हैं। यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए छात्र विहान गर्ग ने कहा कि प्लास्टिक की बोतलों के बारे में तो चारों तरफ लोगों में जागरूकता आई है लेकिन काँच की बोतलों के प्रति समाज में अभी जागरूकता नहीं है जबकि काँच की बोतल भी पर्यावरण के लिए घातक है।

काँच की बोतलों से पर्यावरण को रहे नुकसान के चलते ही उन्होंने अपनी मुहिम शुरू की। उनका कहना है कि काँच की बोतलों को यूज करने के बाद लोग उन्हें कबाड़ी को बेच देते हैं। लेकिन उन्होंने इन बोतलों से बेहतर व सुंदर उत्पादन बनाने की सोची। इस पर उन्होंने रेस्टोरेंटों से बोतल लेकर उन्हें कटवाकर बेहतरीन सजावटी वस्तुएं बनाई तथा इनकी ऑनलाइन बिक्री कर कैंसर पीडि़त बच्चों की मदद कर रहे हैं।
इनकी बिक्री से रुपया आएंगे उन्हें एनजीओ की तरफ से कैंसर पीड़ित मरीजों की मदद के लिए मुहैया कराया जाएगा। विहान ने अपनी मुहिम आगे बढ़ाते हुए गत 10 मार्च को होटल रेडिसन ब्लू में रोटरी क्लब ऑफ फरीदाबाद के सहयोग से एक सेमिनार भी किया। इस अवसर पर रोटरी क्लब ऑफ फरीदाबाद अरावली की प्रेसिडेंट अलपिका गर्ग, सेक्रेटरी शिल्पा अरोड़ा, प्रशांत गर्ग आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
