फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। एनआईटी-5 स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) के नए भवन का इंतजार कर रहे 900 से अधिक विद्यार्थियों को अभी राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। करीब आठ साल पहले शुरू हुआ भवन निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हो पाया है। हैरानी की बात यह है कि दो महीने की कवायद के बाद भवन में पानी का कनेक्शन तो कर दिया गया।

लेकिन शौचालयों को सेप्टिक टैंक से जोड़ने का काम अब भी अधूरा है। इसके चलते नए भवन का हैंडओवर अटका हुआ है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का दावा है कि नवंबर के दूसरे सप्ताह तक भवन आईटीआई प्रबंधन को सौंप दिया जाएगा। हालांकि, लगातार हो रही देरी के कारण विद्यार्थियों को फिलहाल पुराने जर्जर भवन में ही पढ़ाई करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
आईटीआई के नए भवन का निर्माण वर्ष 2019 में लोक निर्माण विभाग की ओर से शुरू किया गया था। इसके लिए शुरुआत में सात करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया था। हालांकि, वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के चलते लगे लॉकडाउन के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो गया। लॉकडाउन के बाद काम दोबारा शुरू हुआ तो निर्धारित बजट कम पड़ गया। इसके बाद निर्माण लागत बढ़ाकर नौ करोड़ रुपये कर दी गई।
वर्ष 2022 तक भवन का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन तय समयसीमा बीतने के बाद भी भवन का काम पूरा नहीं हो सका। नया भवन तैयार नहीं होने का खामियाजा संस्थान के 900 से अधिक विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। पुराने भवन की हालत जर्जर हो चुकी है। कक्षाओं में छत से प्लास्टर और सीमेंट गिरने की शिकायतें भी सामने आती रहती हैं। इसके बावजूद विद्यार्थियों को इसी भवन में पढ़ाई करनी पड़ रही है।
नए भवन में चार मंजिलें बनाई गई हैं। इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का दावा किया गया था, लेकिन बुनियादी सुविधाओं से जुड़े काम अधूरे रहने के कारण यहां कक्षाएं शुरू नहीं हो पा रही हैं। नए भवन के हैंडओवर में अब सीवर कनेक्शन सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। भवन में शौचालयों की व्यवस्था तो की गई है, लेकिन उनका सेप्टिक टैंक से कनेक्शन नहीं हो पाया है।
आईटीआई प्रबंधन की ओर से कई बार लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में अवगत कराया गया है। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता प्रकाश लाल ने बताया कि भवन में पानी का कनेक्शन कर दिया गया है और सेप्टिक टैंक भी तैयार है। जल्द ही सीवर कनेक्शन का काम पूरा करके भवन को हैंडओवर कर दिया जाएगा।
वहीं, आईटीआई के प्रधानाचार्य एवं नोडल अधिकारी भगत सिंह का कहना है कि नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन भवन अब तक संस्थान को नहीं सौंपा गया है। पुराने भवन में कक्षाएं संचालित करने में काफी परेशानी आ रही है। भवन हैंडओवर करने के लिए लोक निर्माण विभाग को बार-बार पत्र लिखे जा रहे हैं।
