बाल सुरक्षा, अधिकारों और ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित; चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की भी दी जानकारी
पलवल। बच्चों की सुरक्षा, उनके अधिकारों और कानूनी संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला बाल संरक्षण इकाई पलवल की ओर से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रूपड़ाका में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम जिला बाल संरक्षण अधिकारी सतेंद्र तेवतिया के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में हुआ। इस दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य मोहम्मद इकबाल सहित पीजीटी राकेश कुमार, ज्योति, संदीप सिंह और राजपाल मौजूद रहे।

पॉक्सो और किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों की दी जानकारी
जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम-2012 तथा किशोर न्याय अधिनियम के महत्वपूर्ण प्रावधानों की सरल भाषा में जानकारी दी गई। पॉक्सो सहायता कर्मियों के रूप में अधिवक्ता मंजूर अहमद, सुजाता और इंदु कीना ने बच्चों को बाल सुरक्षा, बाल अधिकार, सुरक्षित एवं असुरक्षित व्यवहार, व्यक्तिगत सुरक्षा और ऑनलाइन सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी प्रकार की असामान्य अथवा असुरक्षित स्थिति में सतर्कता बरतने के लिए प्रेरित किया। साथ ही बच्चों को यह भी समझाया गया कि वे किसी भी अनुचित व्यवहार को नजरअंदाज न करें और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सहायता लें।
असुरक्षित स्थिति में चुप न रहें, विश्वसनीय व्यक्ति से करें बात
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि यदि उन्हें हिंसा, उत्पीड़न, शोषण अथवा किसी अन्य असहज परिस्थिति का सामना करना पड़े तो वे चुप न रहें। ऐसी स्थिति में अपने माता-पिता, शिक्षक या किसी अन्य विश्वसनीय व्यक्ति को इसकी जानकारी दें। विद्यार्थियों को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 के बारे में भी जानकारी दी गई और किसी बच्चे के साथ हिंसा, शोषण या असुरक्षित व्यवहार की जानकारी मिलने पर उचित सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया।
विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया और बाल सुरक्षा एवं कानून से जुड़े विभिन्न सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
सुरक्षित और बाल-अनुकूल वातावरण बनाना जरूरी : सतेंद्र तेवतिया
जिला बाल संरक्षण अधिकारी सतेंद्र तेवतिया ने कहा कि बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करना सुरक्षित एवं बाल-अनुकूल वातावरण के निर्माण के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिला बाल संरक्षण इकाई पलवल द्वारा बच्चों और किशोरों को उनके अधिकारों, सुरक्षा तथा कानून के प्रति जागरूक करने के लिए समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
विद्यालय के प्रधानाचार्य मोहम्मद इकबाल और उपस्थित शिक्षकगण ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग प्रदान किया तथा बच्चों की सुरक्षा एवं जागरूकता के लिए जिला बाल संरक्षण इकाई की इस पहल की सराहना की।
