फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। जिला बार एसोसिएशन फरीदाबाद के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार एवं पूर्व सचिव नरेंद्र शर्मा एडवोकेट ने कहा है कि उनका उद्देश्य बार को गुटबाजी से ऊपर उठाकर एकजुट, स्वतंत्र, सुविधासंपन्न और कल्याणकारी संस्था के रूप में मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि बार के प्रत्येक अधिवक्ता की समस्याओं का समाधान और उनके सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा उनकी प्राथमिकता रहेगी।

नरेंद्र शर्मा ने कहा कि उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में अधिवक्ताओं के लिए ग्रुप मेडिक्लेम योजना शुरू करवाना शामिल है। युवा अधिवक्ताओं के लिए बेहतर सिटिंग अरेंजमेंट की व्यवस्था करवाना और नई चैंबर साइट मंजूर करवाना भी उनकी प्राथमिकताओं में है। इसके अलावा, चैंबर्स में फ्री वाई-फाई, समृद्ध और हाईटेक लाइब्रेरी तथा आधुनिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग केबिन उपलब्ध करवाने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि जिला बार स्तर पर वेलफेयर फंड स्थापित करवाना भी उनकी प्राथमिकता है। प्रधान और सेक्रेटरी के अलावा अन्य पदों पर निर्वाचित होने वाले युवा सदस्यों को केवल कार्यकारिणी के होर्डिंग्स में फोटो छपवाने तक सीमित नहीं रखा जाएगा। उन्हें उनके पदों की जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी। इसका उद्देश्य युवाओं की नेतृत्व क्षमता का विकास करना और उन्हें सामूहिक नेतृत्व का अवसर देना है।
उन्होंने कहा कि कोर्ट द्वारा पार्टियों पर लगाई जाने वाली कॉस्ट में से निर्धारित राशि को डीएलएसए के बजाय जिला बार एसोसिएशन के माध्यम से अधिवक्ताओं के कल्याण पर खर्च करवाने के लिए भी प्रभावी प्रयास किए जाएंगे। नरेंद्र शर्मा ने कहा कि वे स्वयं नियमित रूप से कोर्ट में उपस्थित रहते हैं, जिसके कारण अधिवक्ताओं के बीच रहकर उनकी समस्याओं और जरूरतों को समझना तथा किसी भी विषय पर उनसे सीधे संपर्क करना आसान रहता है।
उन्होंने कहा कि बार की रोजमर्रा की गतिविधियों से जुड़े रहने के कारण अधिवक्ताओं की वास्तविक समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि युवा और उभरते हुए अधिवक्ताओं को नेतृत्व में आगे लाने के उद्देश्य से उनके पैनल में युवा अधिवक्ता मोहित नागर को उपप्रधान पद के लिए उम्मीदवार बनाया गया है।

उन्होंने कहा कि युवा अधिवक्ताओं की ऊर्जा, नई सोच और वरिष्ठ अधिवक्ताओं के अनुभव का समन्वय बार को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। नरेंद्र शर्मा ने कहा कि वे पहले भी जिला बार एसोसिएशन में सचिव के पद पर जिम्मेदारी निभा चुके हैं, इसलिए उन्हें बार की मौजूदा व्यवस्थाओं, अधिवक्ताओं के सामने आने वाली समस्याओं और आवश्यक सुधारों का प्रत्यक्ष एवं व्यापक अनुभव है।
उन्होंने कहा कि इसी अनुभव के आधार पर वे केवल वादे नहीं, बल्कि व्यावहारिक और ठोस सुधारों को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने कहा, “मैं किसी गुट का नहीं, पूरी बार का उम्मीदवार हूं। मेरा संकल्प बार की एकता, अधिवक्ताओं का सम्मान, बेहतर सुविधाएं और उनका कल्याण है। मेरा प्रयास रहेगा कि जिला बार एसोसिएशन को ऐसी संस्था बनाया जाए, जहां हर अधिवक्ता अपनी बात स्वतंत्र रूप से रख सके और उसे समाधान की उम्मीद हो।”
