हिमालय दिवस पर सीएम धामी ने लिया संरक्षण का संकल्प, बोले- आने वाली पीढ़ी साफ हवा और पानी का भी मांगेगी हिसाब

देहरादून। हिमालय दिवस के अवसर पर ‘हिमालय नाम नगाधिराज’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हिमालय के महत्व, संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के प्रति लोगों को जागरूक करना रहा। इस दौरान हिमालय की समृद्ध जैव विविधता, प्राकृतिक संसाधनों और उत्तराखंड के जीवन में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हिमालय केवल एक पर्वत श्रृंखला नहीं है, बल्कि देश की जलवायु, नदियों और करोड़ों लोगों के जीवन का आधार है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते पर्यावरणीय दबाव के बीच हिमालय को सुरक्षित रखने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।

सीएम धामी ने युवा पीढ़ी की पर्यावरण को लेकर बढ़ती संवेदनशीलता का जिक्र करते हुए एक छात्रा का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान अनन्या कुमारी ने उनसे कहा कि वह ऐसा उत्तराखंड चाहती हैं, जहां **शुद्ध हवा और शुद्ध पानी** मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस छोटी सी बात में आने वाली पीढ़ी की बड़ी चिंता छिपी हुई है।

उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियां हमसे सिर्फ बड़ी इमारतों और चौड़ी सड़कों का हिसाब नहीं मांगेंगी, बल्कि साफ हवा, साफ पानी, नदियों और जंगलों का भी हिसाब मांगेंगी। इसलिए आज यह तय करना जरूरी है कि हम आने वाली पीढ़ियों को कैसा उत्तराखंड सौंपकर जाना चाहते हैं।

सीएम धामी ने कहा कि सरकार विकास की विरोधी नहीं है और विकास जरूरी है, लेकिन पर्यावरणीय संतुलन को नजरअंदाज करके विकास नहीं किया जा सकता। उन्होंने हाल की आपदाओं और भूस्खलन का जिक्र करते हुए कहा कि कई स्थानों पर भारी निर्माण नहीं होने के बावजूद प्राकृतिक आपदाओं से बड़े नुकसान हुए हैं।

उन्होंने धराली, पौड़ी के सहजी गांव, रुद्रप्रयाग के छेनाघाट, घनसाली और बागेश्वर के पौसारी गांव में हुई आपदाओं का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई जगहों पर भूस्खलन और बादल फटने की घटनाएं ऐसे क्षेत्रों में हुईं, जहां बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य मौजूद नहीं था।

मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि आखिर हिमालयी क्षेत्रों में तापमान बढ़ने और ग्लेशियरों के पिघलने के पीछे कौन से कारण जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि इस विषय पर गंभीरता से विचार और शोध की आवश्यकता है, ताकि हिमालय और उससे जुड़े पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सके। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण और हिमालय को सुरक्षित रखने का संकल्प भी लिया गया।

Prime Haryana
Author: Prime Haryana

Information with Confirmation

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top