विभागीय तालमेल के अभाव में सड़क किनारे बसों का इंतजार कर रहे यात्री
फरीदाबाद (सरूप सिंह)। मोहना गांव में करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किया गया बस अड्डा अब तक यात्रियों के लिए शुरू नहीं हो सका है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने करीब 3.16 करोड़ रुपये खर्च कर बस अड्डे का निर्माण पूरा कर दिया, लेकिन हरियाणा रोडवेज द्वारा इसे अपने नियंत्रण में नहीं लिए जाने के कारण इसका संचालन शुरू नहीं हुआ है।

बस अड्डा तैयार होने के बावजूद ग्रामीणों को परिवहन सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है। उन्हें आज भी सड़क किनारे खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। गर्मी, बारिश और सर्दी के मौसम में यात्रियों की परेशानी और बढ़ जाती है। मोहना के आसपास के करीब 20 गांवों के लोग इस बस अड्डे के शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
रोडवेज और पीडब्ल्यूडी के बीच अटका मामला
मोहना गांव यमुना नदी के किनारे स्थित है और यह क्षेत्र आसपास के ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र है। यहां से बल्लभगढ़ और पलवल के अलावा यमुना पार स्थित गांवों के लोग भी बसों के माध्यम से आवागमन करते हैं। हरियाणा रोडवेज के साथ निजी बसों का संचालन भी इस मार्ग पर होता है।
यात्रियों की सुविधा को देखते हुए मोहना में बस अड्डा बनाने की योजना तैयार की गई थी। शुरुआत में इसके लिए करीब डेढ़ करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई थी। निर्माण के बाद रोडवेज अधिकारियों ने बस अड्डे का निरीक्षण किया और वहां कुछ आवश्यक कार्य पूरे कराने के निर्देश दिए।
अधिकारियों की ओर से बिजली कनेक्शन, पंखे, लाइट, सीसीटीवी कैमरे सहित अन्य व्यवस्थाएं पूरी करने को कहा गया। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने संशोधित बजट तैयार कर रोडवेज विभाग को भेजा, जिसे सरकार से मंजूरी मिलने के बाद काम पूरा कराया गया।
अब पीडब्ल्यूडी का कहना है कि उसकी ओर से जरूरी व्यवस्थाएं पूरी की जा चुकी हैं, जबकि रोडवेज का कहना है कि पहले बस अड्डे का दोबारा निरीक्षण कराया जाएगा। इसी प्रक्रिया के बीच बस अड्डे का संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है।
17 से अधिक गांवों के लोग प्रभावित
मोहना बस अड्डे का लाभ मोहना के अलावा बागरपुर खादर, सोलड़ा, भोलड़ा, राजूपुर, दोस्तपुर, नंगलिया, भूड़, खेड़ली, माला सिंह का फार्म, हीरापुर, जल्हाका, कुलैना, अटेरना, थंथरी, बलई और हसापुर सहित आसपास के कई गांवों के लोगों को मिलना है।
ग्रामीणों का कहना है कि बस अड्डा बनने से उन्हें सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से बसों का इंतजार करने की सुविधा मिलती। लेकिन संचालन शुरू नहीं होने के कारण करोड़ों रुपये की लागत से तैयार सुविधा फिलहाल उपयोग में नहीं आ रही है।
ग्रामीण बोले- सड़क किनारे खड़े होने को मजबूर
मोहना निवासी मनोज अत्री ने कहा कि बस अड्डा तैयार होने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि अब उन्हें खुले में बसों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इसके बावजूद स्थिति पहले जैसी ही बनी हुई है। उन्होंने मांग की कि रोडवेज विभाग जल्द से जल्द बस अड्डे को अपने नियंत्रण में लेकर इसका संचालन शुरू करे।
रोडवेज महाप्रबंधक बोले- दोबारा कराएंगे निरीक्षण
हरियाणा रोडवेज फरीदाबाद के महाप्रबंधक जितेंद्र सिंह यादव ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले अधिकारियों से मोहना बस अड्डे का निरीक्षण कराया गया था। उस समय कुछ कमियां सामने आई थीं और उन्हें पीडब्ल्यूडी से दूर करने के लिए कहा गया था।
उन्होंने बताया कि फिलहाल उनके पास पलवल के साथ फरीदाबाद रोडवेज महाप्रबंधक का अतिरिक्त कार्यभार भी है। उन्हें बस अड्डे के संबंध में हाल की स्थिति की जानकारी नहीं दी गई थी। अब अधिकारियों की टीम को दोबारा भेजकर निरीक्षण कराया जाएगा। यदि सभी कमियां दूर हो चुकी हैं तो बस अड्डे को रोडवेज के नियंत्रण में लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
पीडब्ल्यूडी का दावा- मांगी गई सभी व्यवस्थाएं पूरी
पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता प्रकाशलाल ने बताया कि रोडवेज अधिकारियों की ओर से बस अड्डे के अंदर बिजली कनेक्शन लेकर लाइट, पंखे और सीसीटीवी कैमरे लगाने को कहा गया था। विभाग की ओर से बिजली कनेक्शन लेकर ये व्यवस्थाएं पूरी कर दी गई हैं।
उन्होंने कहा कि बस अड्डे को रोडवेज के नियंत्रण में लेने के लिए विभाग को पत्र भी भेजा जा चुका है। इसके बावजूद अभी तक बस अड्डे का संचालन शुरू नहीं हुआ है।
करोड़ों की सुविधा का इंतजार कब खत्म होगा?
मोहना बस अड्डे का निर्माण पूरा होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल इसके संचालन को लेकर है। एक तरफ पीडब्ल्यूडी का कहना है कि निर्माण और जरूरी व्यवस्थाएं पूरी कर दी गई हैं, वहीं रोडवेज दोबारा निरीक्षण के बाद इसे नियंत्रण में लेने की बात कह रहा है।
ऐसे में करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यात्रियों को अभी भी पुरानी व्यवस्था के तहत सड़क किनारे बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि विभागीय प्रक्रिया जल्द पूरी होगी और उन्हें इस बस अड्डे की सुविधा का लाभ मिल सकेगा।
