नेपाल में आई भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड को लेकर भारत ने चिंता जताई है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि नेपाल में पैदा हुआ संकट सिर्फ वहां के लोगों के लिए चिंता की बात नहीं है, बल्कि भारत भी इस आपदा को लेकर चिंतित है.
लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ तौर पर कहा है कि नेपाल को जिस भी तरह की मदद की जरूरत होगी, भारत वह मदद देने के लिए तैयार है. उन्होंने बताया कि भारत की ओर से नेपाल के लिए राहत और मदद भेजने का काम लगातार शुरू किया जा चुका है.
#WATCH | Lucknow, Uttar Pradesh | On Nepal flash floods, Defence Minister Rajnath Singh says, “The crisis situation in Nepal is not only worrying the people of Nepal, but India is also concerned about it. The Prime Minister has very clearly stated that whatever assistance is… pic.twitter.com/MlXuxzwE9l
— ANI (@ANI) August 29, 2026
नेपाल में कब आई भीषण बाढ़?
नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण फ्लैश फ्लड के बाद बड़े स्तर पर तबाही हुई है. बाढ़ और मलबे के तेज बहाव से कई इलाकों में सड़कें, पुल और दूसरी जरूरी सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. नेपाल में अब तक सैकड़ों लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं. भारत ने इस संकट के बीच नेपाल को राहत सामग्री और दूसरी जरूरी मदद भेजी है. नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने भी भारत की ओर से मिली मदद और सहयोग के लिए आभार जताया है. राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच करीबी संबंध हैं. ऐसे मुश्किल समय में भारत अपने पड़ोसी देश के साथ खड़ा है और जरूरत के अनुसार हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है.
