दिल्ली में निर्माण कार्य से जुड़े लाखों श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का दायरा बढ़ने जा रहा है. सरकार ने करीब 2.7 लाख पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने वाली योजना को जमीन पर उतारने की तैयारी शुरू कर दी है. इसके लिए दिल्ली भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड ने योजना के संचालन की जिम्मेदारी संभालने वाली अनुभवी सरकारी एजेंसी की तलाश शुरू कर दी है.
एक श्रमिक के इलाज पर 2 लाख, परिवार के लिए 10 लाख का सुरक्षा कवच
जून में कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब ‘दिल्ली भवन श्रमिक स्वास्थ्य योजना’ के क्रियान्वयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है. योजना के तहत प्रत्येक पंजीकृत निर्माण श्रमिक को व्यक्तिगत इलाज के लिए एक साल में अधिकतम 2 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर मिलेगा. वहीं, उसके पूरे परिवार के लिए सालाना इलाज की सीमा 10 लाख रुपये तक रखी गई है.
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योजना सिर्फ बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने तक सीमित नहीं रहेगी. इसके तहत नियमित स्वास्थ्य जांच की सुविधा भी दी जाएगी. पुरुष श्रमिक के लिए वार्षिक स्वास्थ्य जांच पर 2000 रुपये और महिला श्रमिक के लिए 2200 रुपये तक की लागत निर्धारित की गई है. यह जांच श्रमिक के साथ उसके जीवनसाथी के लिए भी उपलब्ध होगी.
अस्पताल में भर्ती से लेकर ओपीडी तक कैशलेस सुविधा
स्वास्थ्य योजना में ओपीडी और अस्पताल में भर्ती होकर होने वाले इलाज को पूरे परिवार के दायरे में रखा गया है. चयनित एजेंसी दिल्ली में अलग-अलग स्थानों पर स्वास्थ्य जांच शिविर लगाएगी और सूचीबद्ध अस्पतालों में लाभार्थियों के लिए कैशलेस उपचार की व्यवस्था करेगी.
दुर्घटना या इमरजेंसी में नजदीकी अस्पताल में भी इलाज
कार्यस्थल पर दुर्घटना या अचानक पैदा हुई आपात स्थिति में अस्पतालों की सूची तक सीमित रहने की बाध्यता नहीं होगी. ऐसी परिस्थितियों में पैनल से बाहर के नजदीकी अस्पताल में भी तत्काल उपचार की व्यवस्था करने का प्रावधान रखा गया है. श्रमिकों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए 24 घंटे सक्रिय रहने वाला टोल-फ्री हेल्पलाइन कॉल सेंटर भी बनाया जाएगा.
हर जिले में मोबाइल हेल्थ यूनिट की तैनाती
स्वास्थ्य सेवाओं को श्रमिकों के कार्यस्थल के करीब पहुंचाने के लिए प्रत्येक जिले में मोबाइल हेल्थ यूनिट तैनात करने की योजना है. ये यूनिट रोजाना करीब 80 से 100 श्रमिकों को उनके कार्यस्थल से नजदीकी अस्पताल तक पहुंचाने में मदद करेंगी. इससे इलाज के लिए अस्पताल तक पहुंचने में होने वाली परेशानी को कम करने का प्रयास किया जाएगा.
क्लाउड सिस्टम में सुरक्षित रहेगा मेडिकल रिकॉर्ड
योजना के तहत तकनीक का इस्तेमाल भी किया जाएगा. चयनित एजेंसी क्लाउड आधारित प्लेटफॉर्म तैयार करेगी, जहां श्रमिकों के इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित रखे जा सकेंगे. इसके अलावा, जो निर्माण श्रमिक अभी बोर्ड में पंजीकृत नहीं हैं, उन्हें भी पंजीकरण के लिए प्रोत्साहित करने की व्यवस्था की जाएगी.
अब योजना को लागू करने वाली एजेंसी की तलाश
दिल्ली भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड ने योजना के संचालन और प्रबंधन के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में अनुभव रखने वाली सरकारी एजेंसी से प्रस्ताव मांगे हैं. एजेंसी के चयन के बाद स्वास्थ्य जांच शिविर, कैशलेस उपचार, आपातकालीन सहायता, मोबाइल हेल्थ यूनिट, हेल्पलाइन और डिजिटल मेडिकल रिकॉर्ड जैसी व्यवस्थाओं को लागू करने की दिशा में काम आगे बढ़ेगा.
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