दिल्ली के रानी झांसी फ्लाईओवर पर दिनदहाड़े लूट की कोशिश के दौरान युवक और उसके दोस्त पर गोली चलाने वाले दो बदमाशों को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. एक आरोपी को सदर बाजार से दबोचा गया जबकि मुख्य आरोपी को राजस्थान के भिवाड़ी से पकड़ा गया.पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, चाकू और वारदात में इस्तेमाल स्कूटी बरामद की है.
खाने के दौरान सोने की चेन पर पड़ी नजर
पुलिस के मुताबिक, 27 अगस्त को पीड़ित अपने दोस्त के साथ स्कूटी से होटल की तरफ जा रहा था. इससे पहले वह फतेह कचौड़ी के पास खाना खा रहा था. इसी दौरान बदमाशों की नजर उसकी सोने की चेन पर पड़ गई. उन्होंने युवक को अपना आसान शिकार समझ लिया और स्कूटी से उसका पीछा शुरू कर दिया.
फ्लाईओवर पर रोककर निकाली पिस्टल
शाम करीब 3:45 बजे रानी झांसी फ्लाईओवर के पास दोनों बदमाशों ने पीड़ित को रोकने की कोशिश की. जैसे ही वह स्कूटी खड़ी करने लगा, एक बदमाश ने पिस्टल निकाली और पीड़ित व उसके दोस्त पर गोली चला दी. दूसरे बदमाश ने बटन वाला चाकू निकालकर उनकी तरफ दौड़ लगा दी.
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जान बचाकर भागे तो पीछे से फिर चलाई गोली
पीड़ित ने हिम्मत दिखाते हुए बदमाशों की स्कूटी को धक्का दे दिया और दोनों दोस्त तीस हजारी कोर्ट की तरफ भागने लगे. बदमाश भी उनके पीछे दौड़े. करीब 50 मीटर तक पीछा करने के बाद एक आरोपी ने दोबारा गोली चला दी.गनीमत रही कि दोनों युवक बाल-बाल बच गए. इसके बाद आरोपी फिल्मिस्तान की तरफ भाग निकले..
CCTV ने बदमाशों का चेहरा दिखाया
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल लाइंस थाना, AATS और स्पेशल स्टाफ की संयुक्त टीमें बनाई गई. पुलिस ने घटनास्थल से लेकर बदमाशों के भागने वाले रास्ते तक लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की. एक-एक कैमरे की फुटेज को पीछे की तरफ ट्रैक करते हुए पुलिस को आरोपियों के चेहरे साफ दिखाई दिए.
FRS से हुई पहचान, सदर बाजार में दबोचा
CCTV फुटेज के साथ फेस रिकग्निशन सिस्टम तकनीकी निगरानी और मुखबिरों की सूचना को मिलाया गया. जांच में एक आरोपी की पहचान दीपांशु उर्फ दीपु, निवासी सदर बाजार के रूप में हुई.पुलिस ने सूचना के आधार पर सदर बाजार में दबिश देकर उसे पकड़ लिया.
दीपांशु ने खोला मुख्य आरोपी का राज
पूछताछ में दीपांशु ने वारदात में शामिल होने की बात कबूल की और पुलिस को दूसरे आरोपी के बारे में जानकारी दी. उसने बताया कि उसका साथी जावेद उर्फ पउवा भिवाड़ी, राजस्थान में छिपा हुआ है. इसके बाद पुलिस की टीम तुरंत भिवाड़ी पहुंची और तकनीकी निगरानी व स्थानीय सूचना के आधार पर जावेद को भी गिरफ्तार कर लिया.
34 मुकदमों वाला हिस्ट्रीशीटर निकला मास्टरमाइंड
पुलिस के मुताबिक जावेद उर्फ पउवा इस वारदात का मुख्य आरोपी है. वह स्कूल ड्रॉपआउट है और उसके खिलाफ दिल्ली के अलग-अलग थानों में रेप, लूट, झपटमारी, चोरी और आर्म्स एक्ट समेत 34 मामले दर्ज हैं. वह करीब 13 साल से अपराध की दुनिया में सक्रिय है और ख्याला थाने का हिस्ट्रीशीटर/बीसी है..
23 दिन की पैरोल मिली, लेकिन जेल लौटने के बजाय फरार
जावेद पहले से ही जेल में बंद था. उसे 26 जुलाई 2026 को 23 दिन की पैरोल मिली थी.लेकिन पैरोल की अवधि पूरी होने के बाद वह वापस जेल नहीं लौटा. पुलिस के मुताबिक, वह पैरोल जंप कर भिवाड़ी चला गया था. बताया गया है कि उसने वजीराबाद स्थित अपना मकान बेच दिया और इसके बाद भिवाड़ी में छिपकर रहने लगा.
साथी के नाम पहले से भी लूट का मामला
दूसरा आरोपी दीपांशु भी स्कूल ड्रॉपआउट है. पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ उत्तम नगर थाने में पहले से लूट का मामला दर्ज है. पूछताछ में उसने बताया कि वह पिछले करीब 5-6 साल से जावेद को जानता है और वारदात वाले दिन उसी के कहने पर उसके साथ गया था.
दो पिस्टल और चाकू बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर दो पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, एक चाकू और वारदात में इस्तेमाल स्कूटी बरामद की है.पुलिस का कहना है कि इनमें से एक पिस्टल का इस्तेमाल पीड़ित पर गोली चलाने में किया गया था.बरामद स्कूटी जावेद के दोस्त के नाम बताई जा रही है.
12 घंटे में खुल गया दिनदहाड़े फायरिंग का मामला
रानी झांसी फ्लाईओवर पर हुई इस वारदात के बाद पुलिस ने CCTV से लेकर तकनीकी निगरानी तक कई स्तरों पर जांच की. अलग-अलग जगहों पर लगातार दबिश देकर पुलिस ने पहले दीपांशु और फिर भिवाड़ी से जावेद को पकड़ लिया. इस तरह दिनदहाड़े गोली चलाकर लूट की कोशिश करने वाले दोनों आरोपी वारदात के 12 घंटे के भीतर पुलिस की गिरफ्त में आ गए.
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