फर्जी अमेरिकन एक्सप्रेस ब्लैक क्रेडिट कार्ड दिलाने का झांसा देकर लोगों के क्रेडिट कार्ड की जानकारी हासिल करने वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का दिल्ली के पश्चिमी जिला साइबर थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है. पुलिस ने गिरोह के दो आरोपियों को लखनऊ और कोलकाता से गिरफ्तार किया है. इनके कब्जे से 50 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिनमें 45 बिल्कुल नए और महंगे मोबाइल हैं. बरामद नए मोबाइल की कीमत करीब 25 लाख रुपये बताई गई है. जांच में आरोपियों के बांग्लादेश में बैठे साइबर ठगों से संपर्क के भी सुराग मिले हैं.
मामला 7 अगस्त का है एक व्यक्ति ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दी थी कि उसके साथ 2.68 लाख रुपये की साइबर ठगी हुई है. पीड़ित को इंस्टाग्राम पर अमेरिकन एक्सप्रेस ब्लैक क्रेडिट कार्ड दिलाने का विज्ञापन दिखाई दिया था. विज्ञापन के जरिए वह ठगों के संपर्क में आया. इसके बाद व्हाट्सऐप पर एक व्यक्ति ने खुद को अमेरिकन एक्सप्रेस का प्रतिनिधि बताया.
AMEX India ऐप डाउनलोड कराकर चुराई जानकारी
आरोपी ने पीड़ित को भरोसे में लेकर एक फर्जी AMEX India ऐप डाउनलोड कराया। कार्ड के सत्यापन और क्रेडिट स्कोर जांचने के नाम पर उससे निजी और क्रेडिट कार्ड की जानकारी ली गई.इतना ही नहीं, आरोपी ने उसे फोन पर बातचीत में उलझाए रखा.इसी दौरान उसके HDFC क्रेडिट कार्ड से अलग-अलग ऑनलाइन इंस्टेंट डिलीवरी और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर 2.68 लाख रुपये के मोबाइल फोन खरीद लिए गए.
पुलिस ने पैसों के साथ मोबाइल की डिलीवरी भी ट्रैक की
मामला दर्ज होने के बाद साइबर वेस्ट की टीम ने तकनीकी और वित्तीय जांच शुरू की. पुलिस ने आईपी एड्रेस, इंटरनेट और लेनदेन से जुड़ी जानकारी खंगाली तो पता चला कि ठगी से खरीदे गए मोबाइल दिल्ली में नहीं, बल्कि लखनऊ, कोलकाता और धनबाद समेत अलग-अलग जगहों पर पहुंचाए जा रहे थे. जांच में कुछ आईपी एड्रेस बांग्लादेश से जुड़े मिले. वहीं फर्जी सिम कार्ड के तार पश्चिम बंगाल के 24 परगना तक पहुंचे.
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लखनऊ के होटल से पहला आरोपी दबोचा
जांच से मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने दो टीमें बनाईं. एक टीम लखनऊ और दूसरी कोलकाता भेजी गई. तकनीकी निगरानी और वित्तीय लेनदेन के आधार पर पुलिस ने लखनऊ के एक निजी होटल में छापा मारकर 21 साल के मोहम्मद राशिद नेयाज उर्फ दानिश को गिरफ्तार किया. उसके पास से 19 मोबाइल फोन बरामद हुए.
पूछताछ में खुला कोलकाता कनेक्शन
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह अपने साथी 29 वर्षीय मोहम्मद आसिफ के साथ कोलकाता से लखनऊ आया था. दोनों को गिरोह के दूसरे सदस्यों के निर्देश पर नए मोबाइल फोन लेने थे. पुलिस के मुताबिक, आसिफ करीब 30 मोबाइल फोन लेकर लखनऊ से कोलकाता चला गया था.
कोलकाता पहुंची पुलिस, 31 नए फोन बरामद
लखनऊ टीम ने तुरंत कोलकाता में मौजूद दूसरी टीम को इसकी जानकारी दी. इसके बाद पुलिस ने कोलकाता में मोहम्मद आसिफ को पकड़ लिया. उसके कब्जे से 31 बिल्कुल नए मोबाइल फोन बरामद हुए. इस तरह दोनों आरोपियों के पास से कुल 50 मोबाइल फोन बरामद किए गए.
बांग्लादेश भेजे जाते थे महंगे मोबाइल
जांच में सामने आया है कि ठगी से खरीदे गए मोबाइल फोन को गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों में पहुंचाते थे.पुलिस का दावा है कि इन मोबाइल फोन को कमीशन के बदले बांग्लादेश में बैठे गिरोह के सदस्यों तक पहुंचाया जाता था.आरोपियों के मोबाइल से मिले चैट में विदेश में बैठे सहयोगियों के साथ बातचीत और मोबाइल की डिलीवरी को लेकर समन्वय के संकेत मिले हैं.
ऐसे चलता था पूरा साइबर ठगी का खेल
पुलिस की जांच के मुताबिक गिरोह सोशल मीडिया पर अमेरिकन एक्सप्रेस ब्लैक क्रेडिट कार्ड से जुड़े आकर्षक विज्ञापन डालता था. विज्ञापन देखकर संपर्क करने वाले लोगों को व्हाट्सऐप पर फर्जी बैंक या वित्तीय संस्था का कर्मचारी बनकर बात की जाती थी. फिर फर्जी ऐप डाउनलोड कराया जाता था. क्रेडिट स्कोर या कार्ड लिंक करने के नाम पर कार्ड की जानकारी हासिल की जाती थी. इसके बाद पीड़ित को फोन पर व्यस्त रखकर उसके कार्ड से महंगे मोबाइल खरीद लिए जाते थे.
चैट से मिले विदेश कनेक्शन के सुराग
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच में कई आपत्तिजनक डिजिटल चैट बरामद की हैं. इन चैट से गिरोह के सदस्यों के बीच बातचीत और विदेश में मौजूद सहयोगियों के साथ संपर्क के सुराग मिले हैं. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और बांग्लादेश में बैठे लोगों तक मोबाइल फोन पहुंचाने की पूरी व्यवस्था कौन संभाल रहा था. पुलिस ने इस मामले में BNS की धारा 318(4), 317(2), 319(2) और 61(2) के तहत एफआईआर दर्ज की है. मामले की आगे जांच जारी है.
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