साइबर सिटी गुरुग्राम में सोमवार (24 अगस्त) को हुई भारी बारिश के दौरान कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई थी. इस दौरान बच्चों को लेकर जा रही कई स्कूल बसें और गाड़ियां ज्यादा पानी में फंसकर बंद हो गई थीं. कुछ जगहों पर बच्चे काफी देर तक बसों और गाड़ियों में फंसे रहे. इस दौरान बच्चों के रोने और परेशान होने के वीडियो भी सामने आए थे. कई जगह बच्चे बंद गाड़ियों को धक्का लगाते हुए भी नजर आए.
इस घटना के बाद जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है. जिला उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष उत्तम सिंह ने सभी स्कूलों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं. अब जलभराव वाले घोषित रास्तों पर स्कूल बसें नहीं भेजी जाएंगी. स्कूलों को ऐसे रास्तों के लिए पहले से सुरक्षित वैकल्पिक रूट तैयार रखना होगा.
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जलभराव वाले रास्ते पर बस भेजने पर रोक
जिला प्रशासन के आदेश के मुताबिक अगर किसी स्कूल बस के निर्धारित रूट पर जलभराव की स्थिति है तो उस रास्ते पर बस नहीं भेजी जाएगी. स्कूल को उपलब्ध सुरक्षित वैकल्पिक रास्ते का इस्तेमाल करना होगा. अगर कोई सुरक्षित वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध नहीं है तो बच्चों को स्कूल परिसर में ही सुरक्षित रखा जाएगा. इस दौरान स्कूल स्टाफ बच्चों की निगरानी करेगा और अभिभावकों को तुरंत इसकी जानकारी दी जाएगी.
बारिश के दौरान स्कूलों की छुट्टी भी जलभराव की स्थिति को देखते हुए चरणबद्ध तरीके से करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि एक साथ बड़ी संख्या में बच्चे सड़कों पर न निकलें और ट्रैफिक व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव न पड़े.
ट्रैफिक पुलिस देगी स्कूलों को रियल टाइम जानकारी
- बारिश के दौरान स्कूल बसों की सुरक्षित आवाजाही के लिए ट्रैफिक पुलिस को भी खास जिम्मेदारी दी गई है. स्कूल रूटों पर जलभराव और ट्रैफिक की स्थिति की रियल टाइम जानकारी स्कूलों तक पहुंचाई जाएगी.
- बारिश वाले दिनों या मौसम विभाग की चेतावनी के दौरान सुबह 5:30 बजे, दोपहर 10:30 बजे और दोपहर 12:30 बजे रिपोर्ट जारी की जाएगी.
- इसके अलावा अगर तेज बारिश के कारण कोई रास्ता अचानक बंद होता है या वहां जलभराव की स्थिति बनती है तो 30 मिनट के भीतर फ्लैश अपडेट जारी करना होगा.
- ट्रैफिक पुलिस से मिलने वाली हर रिपोर्ट या फ्लैश अपडेट को स्कूलों तक 15 मिनट के भीतर बिना किसी बदलाव के पहुंचाना अनिवार्य होगा.
- प्रशासन ने बच्चों को बस से उतारने को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं. किसी भी बच्चे को जलभराव वाले या बिना निगरानी वाले बस स्टॉप पर नहीं उतारा जाएगा. बच्चे को केवल उसके अभिभावक को ही सौंपा जाएगा.
- हर स्कूल बस में स्टाफ एस्कॉर्ट की मौजूदगी सुनिश्चित करनी होगी. इसके अलावा बस में पर्याप्त पेयजल भी उपलब्ध रखना होगा. चालकों को साफ तौर पर बताया जाएगा कि जलभराव वाले रास्तों और अंडरपास में बस नहीं ले जानी है.
- अगर बारिश के कारण बस के रूट या समय में बदलाव होता है तो स्कूलों को अभिभावकों को पहले ही एसएमएस या स्कूल ऐप के जरिए इसकी सूचना देनी होगी.
- रोडवेज की अतिरिक्त बसें रहेंगी तैयार
- भारी बारिश या मौसम विभाग की चेतावनी के दौरान हरियाणा रोडवेज की अतिरिक्त बसें भी स्टैंडबाय रहेंगी. इन बसों को पहले से चिन्हित सुरक्षित स्थानों पर तैनात किया जाएगा.
- अगर कोई स्कूल बस जलभराव में फंस जाती है या खराब हो जाती है तो इन अतिरिक्त बसों की मदद से बच्चों को सुरक्षित स्थान या स्कूल तक पहुंचाया जाएगा. प्रशासन ने साफ कहा है कि किसी भी स्थिति में किसी विद्यार्थी को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा.
- इसके साथ ही डीसीपी ट्रैफिक को स्कूल बस रूट के संवेदनशील स्थानों पर जरूरत के मुताबिक ट्रैफिक पुलिसकर्मियों, टो-व्हीकल और पीसीआर की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. सुबह 7 से 9 बजे और दोपहर 12 से 3 बजे के डिस्पर्सल समय में प्रभावित मार्गों से स्कूल बसों की सुरक्षित आवाजाही को प्राथमिकता दी जाएगी.
हर स्कूल में ट्रांसपोर्ट इंचार्ज की जिम्मेदारी तय
प्रशासन ने सभी स्कूलों में ट्रांसपोर्ट इंचार्ज और रूट सेफ्टी अफसर की नियुक्ति को अनिवार्य कर दिया है. इसका मकसद बारिश के दौरान स्कूल बसों के संचालन और रूट की सुरक्षा पर नजर रखना है.
जिला शिक्षा अधिकारी और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को 24 घंटे के भीतर जिले के सभी सरकारी, निजी, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त स्कूलों के प्रधानाचार्य या प्रमुख तथा ट्रांसपोर्ट इंचार्ज को शामिल करते हुए समर्पित व्हाट्सऐप ब्रॉडकास्ट ग्रुप और बल्क एसएमएस/ई-मेल सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं.
यह व्यवस्था सोहना, पटौदी, मानेसर, फर्रुखनगर और बादशाहपुर समेत जिले के सभी क्षेत्रों के स्कूलों को कवर करेगी. इसके अनुपालन की साप्ताहिक रिपोर्ट हर सोमवार को जिला प्रशासन को देनी होगी.
जल निकासी को दी जाएगी पहली प्राथमिकता
स्कूल बस रूट और स्कूल गेट के आसपास जलभराव हटाने के लिए संबंधित विभागों को भी निर्देश दिए गए हैं. जीएमडीए, हरियाणा रोडवेज, नगर निगम गुरुग्राम, नगर परिषद मानेसर, एचएसवीपी, पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर) और एनएचएआई को स्कूल बस रूटों और स्कूल गेट के आसपास जल निकासी को प्राथमिकता देने को कहा गया है.
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संबंधित अधिकारी बारिश के दौरान और उसके बाद अपने चिन्हित जलभराव वाले स्थानों पर मौजूद रहेंगे. हरियाणा रोडवेज को अतिरिक्त बसों और चालकों का बेड़ा चिन्हित कर 48 घंटे के भीतर उनकी संख्या और स्टैंडबाय स्थानों की जानकारी देनी होगी.
जिला प्रशासन के ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं और 30 सितंबर 2026 तक अथवा आगामी आदेश तक प्रभावी रहेंगे. प्रशासन का कहना है कि बारिश के दौरान बच्चों की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और स्कूल, ट्रैफिक पुलिस तथा संबंधित विभाग मिलकर सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करेंगे.
