कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने हाल ही में जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन को लेकर एक बड़ा बयान दिया. उन्होंने बताया कि जंतर-मंतर पर सुरक्षा के लिए तैनात किए गए पुलिसकर्मियों ने भी उस प्रदर्शन का समर्थन किया था. एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में अभिजीत दीपके ने बताया था कि उनके पास कुछ पुलिसकर्मी एक दिन की छुट्टी लेकर प्रोटेस्ट को सपोर्ट करने आए थे.
दीपके ने कहा, “पुलिस वालों को सैलरी कितनी देते हैं ये लोग? मुझे तो बुरा लगता था, जंतर मंतर पर जो लोअर रैंक ऑफिसर्स थे, उनकी तनख्वाह 30-40 हजार होगी. उनके खुद के बच्चे कोचिंग जाते होंगे, उनके बच्चों की शिक्षा भी तो महंगी हो रखी है. वह खुद आकर बताते थे.”
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पुलिसवालों ने कहा, हमारे बच्चों के भविष्य भी अच्छा होना चाहिए
सीजेपी संस्थापक ने कहा, “जंतर मंतर पर जब सीजेपी का आंदोलन चल रहा था तब तीन पुलिसवाले आए थे. उन्होंने कैप, मास्क और चश्मे लगाए हुए थे. उन्हें देखकर मैं भी डर गया था लेकिन उन्होंने सामने से कहा कि थोड़ा साइड में आकर बात करते हैं. जब मैंने पूछा कि क्या हुआ तो उन्होंने बताया कि हम पुलिसवाले हैं. हमारी यहीं पर ड्यूटी लगी हुई है, लेकिन आपको सपोर्ट करना था तो छुट्टी लेकर आए हैं. आप जो कर रहे हैं बहुत अच्छा कर रहे हैं. मेरी बेटी 10वीं में पढ़ती है. मैं नहीं चाहता मेरी बेटी को भी वही झेलना पड़े जो बाकी लोग झेल रहे हैं.”
पुलिसवालों को भी मिलना चाहिए मुआवजा
अभिजीत दीपके ने छात्र आंदोलन में घायल पुलिसकर्मियों के लिए भी एक करोड़ मुआवजे की मांग की थी. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा था कि नीट पेपर लीक के बाद जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को भी अभी तक मुआवजा नहीं मिला है तो यह सरकार पुलिसवालों को कब मुआवजा देगी? जानकारी के लिए बता दें जंतर मंतर प्रोटेस्ट की एक डिमांड यह भी थी कि पीड़ित परिवारों को सरकार सहायता राशि देगी, जिसपर सरकार ने हामी भरी थी लेकिन अभी तक यह वादा पूरा नहीं किया गया है. इसको लेकर सीजेपी ने पांच सितंबर को फिर इंडिया गेट पर प्रोटेस्ट की बात कही है.
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