दिल्ली में मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए नगर निगम ने पारंपरिक तरीकों के साथ आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल शुरू किया है. मॉडल टाउन की नैनी झील में ड्रोन के जरिए कीटनाशक का छिड़काव कर इस अभियान की शुरुआत की गई.
महापौर प्रवेश वाही ने सेंट्रल-नॉर्थ जोन के मॉडल टाउन स्थित नैनी झील में ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक छिड़काव कार्यक्रम का शुभारंभ किया. इस दौरान स्थानीय विधायक अशोक गोयल, स्थायी समिति अध्यक्षा सत्या शर्मा, पार्षद विकेश सेठी, जोन उपायुक्त मोहित बंसल समेत निगम के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे.
महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम लगातार प्रभावी और आधुनिक उपायों को अपनाने पर जोर दे रहे हैं. उनके मुताबिक, ड्रोन तकनीक के जरिए कम समय में बड़े क्षेत्र में कीटनाशक का छिड़काव किया जा सकता है.
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दुर्गम इलाकों में भी आसान होगी पहुंच
महापौर ने कहा कि जलाशयों और ऐसे स्थानों तक पहुंच बनाना कई बार चुनौतीपूर्ण होता है, जहां पारंपरिक माध्यमों से कीटनाशक का छिड़काव करना आसान नहीं होता. ऐसे क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक उपयोगी साबित हो सकती है. इसके जरिए मच्छरों के प्रजनन स्थलों पर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करने में मदद मिलेगी.
उन्होंने कहा कि जरूरत के अनुसार इस तकनीक का इस्तेमाल दिल्ली के अन्य बड़े जलाशयों और दुर्गम क्षेत्रों में भी किया जा सकता है. इससे मच्छर नियंत्रण अभियान की पहुंच बढ़ाने के साथ उसकी प्रभावशीलता भी बेहतर करने में मदद मिलेगी.
फॉगिंग से लेकर लार्वा नियंत्रण तक अभियान
महापौर ने बताया कि दिल्ली नगर निगम की ओर से मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए फील्ड स्तर पर लगातार अभियान चलाया जा रहा है. इसके तहत मच्छरों के संभावित प्रजनन स्थलों की जांच, लार्वा रोधी दवाओं का छिड़काव, फॉगिंग और संवेदनशील इलाकों की निगरानी की जा रही है.
निगम की टीमें जलाशयों, नालों, खाली प्लॉटों, निर्माण स्थलों और पानी जमा होने वाले अन्य संभावित स्थानों पर भी नजर रख रही हैं. इसके साथ ही लोगों को मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जा रहा है.
स्थायी समिति अध्यक्ष ने बताया युद्धस्तर पर चल रहा अभियान
स्थायी समिति अध्यक्षा सत्या शर्मा ने कहा कि दिल्ली नगर निगम ने मच्छर जनित बीमारियों से बचाव और नियंत्रण के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया है. निगम की ओर से मच्छरों के संभावित प्रजनन स्थलों की पहचान करने के साथ नियमित निरीक्षण और लार्वा रोधी दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि बड़े जलाशयों और ऐसे क्षेत्रों में जहां सामान्य साधनों से पहुंचना मुश्किल है, वहां ड्रोन के इस्तेमाल से कीटनाशक का छिड़काव अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा.
निगम ने लोगों से की पानी जमा न होने देने की अपील
नगर निगम ने नागरिकों से भी मच्छरों के प्रजनन को रोकने में सहयोग करने की अपील की है. निगम के मुताबिक, घरों, कार्यालयों और आसपास के इलाकों में पानी जमा नहीं होने देना जरूरी है. लोगों से कूलर, गमले, छतों, कंटेनरों और पानी जमा होने वाले अन्य स्थानों की नियमित जांच करने को कहा गया है. निगम का कहना है कि मच्छर जनित बीमारियों पर नियंत्रण के लिए सरकारी स्तर पर चलाए जा रहे अभियान के साथ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी बेहद जरूरी है.
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