नेपाल में आई भीषण बाढ़ और तबाही की खबरों ने दिल्ली में रह रहे नेपाली नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है. प्रभावित इलाकों में मौतों और सैकड़ों लोगों के लापता होने की खबरों के बीच दिल्ली में रहने वाले नेपाली दिनभर अपने परिवार, रिश्तेदारों और दोस्तों से संपर्क साधने की कोशिश करते रहे. फोन और इंटरनेट के जरिए अपनों का हाल जानने की बेचैनी के बीच कई लोगों के लिए काम पर ध्यान लगाना भी मुश्किल हो गया.
प्रभावित इलाकों से संपर्क की कोशिश
हालांकि, उन्हें प्रभावित इलाकों से लोगों की मौत और लापता होने की खबरों के बीच स्थिति के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिल सकी. तिब्बत सीमा के पास मूसलाधार बारिश और भोटे कोशी नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण आई बाढ़ ने मध्य नेपाल के कुछ हिस्सों में भारी तबाही मचाई.
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इससे पुल, गांव और जलविद्युत परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हुईं और सैकड़ों लोग लापता हो गए. इस आपदा के कारण दिल्ली में रह रहे नेपाली नागरिक भी अपने परिवार और रिश्तेदारों को लेकर चिंतित रहे. वे प्रभावित इलाकों में रह रहे लोगों से संपर्क स्थापित करने की लगातार कोशिश करते रहे.
दिल्ली के नेपाली कर्मचारियों की बढ़ी चिंता
‘येति: द हिमालयन किचन’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) प्रशांत सिंह ने कहा, “यह बेहद दुखद और चिंताजनक घटना है.” सिंह ने कहा, “उनकी चिंता दिल्ली के उनके रेस्तरां में काम करने वाले नेपाल के सहयोगियों को लेकर है. हालांकि उनमें से कई प्रभावित इलाकों के रहने वाले नहीं हैं, लेकिन उनके माता-पिता, भाई-बहन, दोस्त और रिश्तेदार नेपाल में रहते हैं, जिनमें प्रभावित इलाकों और उसके आसपास रहने वाले लोग भी शामिल हैं.”
परिवार की सुरक्षा जानने के लिए फोन
उन्होंने कहा, “जैसे ही हमें स्थिति की जानकारी मिली, हमारे कर्मचारियों ने तुरंत अपने माता-पिता, दोस्तों और रिश्तेदारों से संपर्क करना शुरू कर दिया ताकि उनके हालचाल का पता चल सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे सुरक्षित हैं.” सिंह ने कहा कि सभी चिंतित थे, क्योंकि कई कर्मचारियों के परिवार और प्रियजन नेपाल में रहते हैं.
उन्होंने कहा, “हम यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि हमारे लोगों को पता हो कि हम उनके साथ खड़े हैं और इस मुश्किल समय में उनके परिवारों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं. जो कुछ हुआ, उसे देखना बेहद दुखद है. हमारी संवेदनाएं इस त्रासदी से प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं, खासकर उन लोगों के साथ जो अब भी अपने प्रियजनों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं.”
पोखरा में परिवार, नुवाकोट में रिश्तेदार
नेपाल से दो साल पहले काम की तलाश में दिल्ली आए मनीष अब हौज खास स्थित एक तिब्बती रेस्तरां के बार में काम करते हैं. उन्होंने बताया कि पोखरा में उनका परिवार प्रभावित इलाकों में रहने वाले परिचितों से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है.
मनीष ने कहा, “घर पर लोग सुबह से एक-दूसरे को फोन कर रहे हैं, क्योंकि किसी को ठीक से पता नहीं है कि वहां क्या हो रहा है.” उन्होंने बताया कि उनका परिवार पोखरा में है लेकिन नुवाकोट क्षेत्र में उनके रिश्तेदार और दोस्त रहते हैं, इसलिए वे उनका हाल जानने की कोशिश कर रहे हैं.
फोन पर टिकीं परिवार की उम्मीदें
उत्तरी नेपाल के रहने वाले एक वेटर ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर कहा, “मैं अपने परिवार और दोस्तों से संपर्क करने की कोशिश कर रहा हूं तथा उनके लिए बहुत चिंतित हूं.”
उन्होंने कहा, “मेरा एक करीबी दोस्त यहां दिल्ली में है लेकिन हमारे परिवार और जान-पहचान के कई लोग नेपाल में हैं. हम लगातार अपने फोन देख रहे हैं और यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि वहां क्या हो रहा है.”
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वेटर ने कहा, “जब आप यहां बैठकर अपने प्रियजनों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हों, तो काम पर ध्यान लगाना बहुत मुश्किल होता है. मुझे बस उम्मीद है कि वे सभी सुरक्षित होंगे और हमें जल्द ही उनकी खबर मिलेगी.”
अचानक आई बाढ़ में कम से कम 95 लोगों की मौत हो गई जबकि करीब 500 लोग लापता हैं जिनमें 133 भारतीय हैं.
