फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। फरीदाबाद में जुलाई महीने के दौरान एटीएम मशीन काटकर नकदी चोरी करने की दो बड़ी वारदातों का पुलिस ने खुलासा किया है। मामले में चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि वारदातों का कथित मास्टरमाइंड दिल्ली पुलिस में तैनात एक कांस्टेबल है। पुलिस ने मामले से जुड़े आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

क्राइम एसीपी अमन यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले की जानकारी देते हुए बताया कि जुलाई महीने में फरीदाबाद में एटीएम काटकर नकदी चोरी करने की दो वारदातें हुई थीं। इनमें से एक वारदात थाना भूपानी क्षेत्र में हुई, जहां एटीएम मशीन काटकर करीब 6.53 लाख रुपये चोरी किए गए थे। दूसरी वारदात थाना सेक्टर-58 क्षेत्र में हुई थी। यहां एटीएम मशीन काटकर करीब 5.71 लाख रुपये की नकदी चोरी की गई।
इसके अलावा सेक्टर-58 क्षेत्र में एटीएम से नकदी चोरी करने का एक और प्रयास किया गया था, लेकिन आरोपी इसमें सफल नहीं हो पाए और किसी तरह का आर्थिक नुकसान नहीं हुआ।
क्राइम ब्रांच सेक्टर-56 को सौंपी गई थी जांच
लगातार हुई इन वारदातों के बाद मामले की जांच क्राइम ब्रांच सेक्टर-56 की टीम को सौंपी गई। पुलिस टीम ने जांच करते हुए आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में हुकुम नाम का एक आरोपी फरीदाबाद के अटाली गांव का रहने वाला है और दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत है।
कांस्टेबल ने साथियों को सिखाया ATM काटने का तरीका
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी कांस्टेबल ने कथित तौर पर अपने साथियों को एटीएम काटने और उसमें रखी नकदी निकालने के तरीके के बारे में जानकारी दी थी। आरोप है कि उसने अन्य आरोपियों को वारदात के लिए गाइड करने के साथ उन्हें इसके लिए प्रेरित भी किया। पुलिस के अनुसार कुछ आरोपी बिहार के रहने वाले बताए जा रहे हैं। दोनों वारदातों में चोरी की गई रकम को मिलाकर करीब 12.24 लाख रुपये बनती है।
पुलिस अब आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। रिमांड के दौरान वारदातों में इस्तेमाल किए गए उपकरण, चोरी की रकम और आरोपियों की भूमिका को लेकर विस्तृत पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि आरोपियों का संबंध एटीएम चोरी की किसी अन्य वारदात से तो नहीं है।
