फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि नशा मुक्त भारत का सपना केवल सरकार के प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी और युवाओं के सामूहिक संकल्प से साकार होगा। स्वस्थ, सशक्त और जागरूक युवा ही विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। युवाओं को नशे से दूर कर खेल, सेवा, नवाचार और राष्ट्र निर्माण से जोड़ना समय की जरूरत है।

डॉ. मांडविया रविवार को फरीदाबाद के अमृता अस्पताल में आयोजित ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान देश के विभिन्न राज्यों से एक करोड़ से अधिक युवा कार्यक्रम से जुड़े और नशामुक्ति की शपथ ली।
डॉ. मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले से रखी गई विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। युवाओं की आकांक्षाओं, विचारों, सेवाभाव और नेतृत्व क्षमता को सही दिशा देने के उद्देश्य से ‘माई भारत’ की स्थापना की गई है। यह मंच करोड़ों युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जुड़ी गतिविधियों से जोड़ चुका है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2020 में नशा मुक्त भारत का संकल्प व्यक्त किया था। इसे आगे बढ़ाने के लिए माई भारत युवा संगठन ने देशभर के आध्यात्मिक संगठनों, युवा संगठनों और नशा मुक्ति से जुड़े विशेषज्ञों के साथ मिलकर कार्ययोजना तैयार की है। वाराणसी में आयोजित आध्यात्मिक युवा सम्मेलन में विचार-विमर्श के बाद 100 सप्ताह की कार्ययोजना तैयार की गई, जिसे ‘काशी आध्यात्मिक समिट घोषणा पत्र’ का स्वरूप दिया गया।
डॉ. मांडविया ने कहा कि अभियान से माता अमृतानंदमयी मठ और आर्ट ऑफ लिविंग सहित कई प्रतिष्ठित आध्यात्मिक संगठन जुड़े हैं। देशभर में हजारों स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान और फिट इंडिया मूवमेंट जैसे जन अभियानों ने साबित किया है कि मजबूत नेतृत्व और जनभागीदारी से बड़े लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है।
युवा कार्य विभाग की सचिव डॉ. पल्लवी जैन गोविल ने कहा कि यह अभियान युवाओं को नशे से दूर कर राष्ट्र निर्माण से जोड़ने वाला व्यापक जन आंदोलन है। स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से भी युवाओं को नशामुक्ति का संकल्प दिलाया जा रहा है।
अतिरिक्त सचिव नितेश कुमार मिश्रा ने कहा कि नशे की समस्या का समाधान केवल कानून के माध्यम से संभव नहीं है। इसके लिए जागरूकता, नैतिक मूल्यों, परिवार, समाज और युवाओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
अमृता अस्पताल के प्रशासनिक निदेशक स्वामी निजामृतानंद पुरी ने कहा कि नशा केवल स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र के भविष्य के लिए भी गंभीर संकट है। उन्होंने अभिभावकों, शिक्षकों और सामाजिक संस्थाओं से युवाओं को नशे से बचाने के लिए मिलकर प्रयास करने की अपील की।
