फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। हरियाणा सरकार ने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम पहल की है। अब हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एचएसआरएलएम) से पंजीकृत स्वयं सहायता समूहों को ग्राम पंचायत की शामलात भूमि डेयरी स्थापित करने के लिए लीज पर उपलब्ध कराई जाएगी। यह व्यवस्था हरियाणा विलेज कॉमन लैंड्स रेगुलेशन नियम-1964 के नियम 6(5) के तहत लागू की गई है।

योजना के अनुसार, डिप्टी कमिश्नर ग्राम पंचायत की अधिकतम 500 वर्ग गज भूमि पांच वर्ष के लिए लीज पर देने के लिए सक्षम प्राधिकारी होंगे। यदि डेयरी का संचालन संतोषजनक पाया जाता है और एचएसआरएलएम की ओर से प्रमाणन मिलता है, तो लीज की अवधि तीन वर्ष तक और बढ़ाई जा सकेगी। यदि किसी ग्राम पंचायत में एक से अधिक स्वयं सहायता समूह आवेदन करते हैं, एक समिति लॉटरी के माध्यम से पात्र समूह का चयन करेगी।
योजना का लाभ केवल उन्हीं स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा जो एचएसआरएलएम में पंजीकृत हों, कम से कम एक वर्ष से सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हों, बचत और ऋण का नियमित रिकॉर्ड रखते हों तथा समूह के सभी सदस्य संबंधित ग्राम पंचायत के निवासी हों। इसके अलावा समूह में न्यूनतम 10 सदस्य होने चाहिए और बैठकों में कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होगी।
किसी सरकारी योजना या बैंक का बकाया या विवाद होने पर समूह पात्र नहीं माना जाएगा। साथ ही समूह के किसी सदस्य या उसके परिवार के पास परिवार पहचान पत्र के अनुसार 500 वर्ग गज या उससे अधिक भूमि नहीं होनी चाहिए। जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) शिखा ने बताया कि इच्छुक स्वयं सहायता समूह उपयुक्त शामलात भूमि की पहचान कर सीईओ जिला परिषद, बीडीपीओ अथवा संबंधित ग्राम पंचायत को आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन के बाद ग्राम पंचायत को तीन-चौथाई बहुमत से प्रस्ताव पारित करना होगा और ग्राम सभा से भी निर्धारित समर्थन प्राप्त करना अनिवार्य होगा। इसके बाद प्रस्ताव बीडीपीओ के माध्यम से डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता वाली समिति के अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। सीईओ शिखा ने कहा कि इस योजना से ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे, डेयरी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
