फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। बल्लभगढ़ नगर निगम कार्यालय में वार्ड-42 के पार्षद दीपक यादव द्वारा कार्यालय पर ताला लगाने और कार्यकारी अभियंता डालचंद शर्मा को अपने क्षेत्र का निरीक्षण कराने के लिए रोकने का मामला अब और गरमा गया है। घटना के विरोध में बुधवार को नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रदर्शन करते हुए पार्षद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

एसडीओ, जेई सहित कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने निगम कार्यालय के बाहर नारेबाजी की और कहा कि पार्षद को अपने व्यवहार के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि जब तक माफी नहीं मांगी जाती, उनका विरोध जारी रहेगा। यह पहली बार नहीं है जब पार्षद और निगम अधिकारियों के बीच टकराव हुआ हो। इससे पहले भी दोनों पक्षों के बीच विवाद सामने आ चुके हैं। एक पुराने मामले में अधिकारी के साथ मारपीट के आरोप में पार्षद को जेल भी जाना पड़ा था।
सीवर कार्य रुकने को लेकर जताई नाराजगी
मंगलवार को पार्षद दीपक यादव ने बल्लभगढ़ नगर निगम कार्यालय में ताला लगाकर विरोध दर्ज कराया। उनका आरोप था कि विधायक के दबाव में उनके वार्ड में सीवर लाइन का कार्य रोक दिया गया है, जिससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पार्षद ने कार्यकारी अभियंता डालचंद शर्मा से मौके पर चलकर क्षेत्र का निरीक्षण करने का आग्रह किया। अभियंता ने बताया कि वह तत्काल एक आवश्यक कार्य से बाहर जा रहे हैं और लौटने के बाद निरीक्षण करेंगे। आरोप है कि इसके बावजूद पार्षद ने उनकी गाड़ी की चाबी निकाल ली और मौके पर चलने का दबाव बनाया।
सोशल मीडिया पर बंटी राय
घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने पार्षद के कदम का समर्थन करते हुए कहा कि छोटे-छोटे कार्यों के लिए नागरिकों को निगम कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं और अधिकारी उनकी समस्याओं पर समय से ध्यान नहीं देते। वहीं दूसरी ओर कई लोगों ने इस तरह की कार्रवाई को अनुचित बताया।
साथी पार्षदों ने भी जताई नाराजगी
इस पूरे विवाद में पार्षद दीपक यादव को अपने साथी जनप्रतिनिधियों का खुला समर्थन मिलता नजर नहीं आया। पार्षद अजय बैसला ने कहा कि इस मामले में मेयर को हस्तक्षेप करना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों में हाउस की एक भी बैठक नहीं बुलाई गई और पार्षदों तथा जनता की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है।
