फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। जिला प्रशासन द्वारा समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से विभिन्न क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। गांव चंदावली, अज्जी कॉलोनी (बल्लभगढ़) और भूड़ कॉलोनी में दहेज निषेध एवं घरेलू हिंसा से संबंधित जागरूकता अभियान चलाया गया।

उपायुक्त आयुष सिन्हा ने कहा कि प्रशासन महिलाओं के सशक्तिकरण और उनकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल विवाह, दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा जैसी सामाजिक बुराइयों को खत्म करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जन-जागरूकता अभियानों के माध्यम से एक ऐसा सुरक्षित और समानतापूर्ण वातावरण बनाने का लक्ष्य है, जहां महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हों और आत्मविश्वास के साथ जीवन जी सकें।
संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी हेमा कौशिक ने बताया कि इन कार्यक्रमों में महिलाओं और स्थानीय लोगों को दहेज निषेध अधिनियम तथा घरेलू हिंसा से जुड़े कानूनों की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि ऐसी परिस्थितियों में शिकायत कैसे दर्ज कराई जाए और किन हेल्पलाइन सेवाओं का लाभ लिया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को दहेज प्रथा के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से समझाया गया और इसे समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया गया। साथ ही सभी ने यह संकल्प लिया कि वे न तो बाल विवाह करेंगे और न ही होने देंगे।
अधिकारियों ने कहा कि ऐसे अभियानों का उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक सही जानकारी पहुंचाना है, ताकि लोग जागरूक होकर गलत प्रथाओं का विरोध कर सकें। उन्होंने आमजन से अपील की कि दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा के खिलाफ आवाज उठाएं और प्रशासन का सहयोग करें।