फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। सरकार द्वारा गेहूं की समय पर खरीद के दावों के बीच जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर पेश कर रही है। तिगांव अनाज मंडी में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की धीमी कार्यप्रणाली के चलते हजारों कुंतल गेहूं खुले में पड़ा है। अब तक करीब 20 हजार क्विंटल गेहूं मंडी में पहुंच चुका है, लेकिन खरीद प्रक्रिया शुरू न होने से किसान और आढ़ती दोनों परेशान हैं।

सोमवार देर शाम तक मंडी में भारी मात्रा में गेहूं की आवक हो चुकी थी, लेकिन विभाग की ओर से एक भी दाना नहीं खरीदा गया। ऐसे में किसान अपनी फसल को लेकर मंडी में ही रुके हुए हैं और उन्हें बारिश की आशंका सता रही है। मौसम विभाग द्वारा वर्षा की संभावना जताए जाने के बाद किसानों की चिंता और बढ़ गई है, क्योंकि खुले में रखा गेहूं खराब होने का खतरा बना हुआ है।
तिगांव अनाज मंडी के प्रधान श्रीपाल शर्मा ने बताया कि इस संबंध में जब अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने घरेलू गैस की कालाबाजारी रोकने में व्यस्तता का हवाला दिया। उनका कहना है कि विभाग की टीमें अन्य कार्यों में लगी हुई हैं, जिसके कारण गेहूं खरीद प्रभावित हो रही है। शर्मा ने यह भी बताया कि प्रदेश के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर पहले ही मंडी का दौरा कर चुके हैं।
नागर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर हालात विपरीत नजर आ रहे हैं और निर्देशों का पालन नहीं हो रहा है। मंडी में फंसे किसानों को दिन-रात वहीं रुकने को मजबूर होना पड़ रहा है। रात के समय मच्छरों की समस्या और खराब मौसम ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो उनकी फसल को भारी नुकसान हो सकता है।