फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। शादियों के सीजन से ठीक पहले नगर निगम ने बकाया वसूली को लेकर सख्त कदम उठाते हुए 61 मैरिज हॉलों को सील कर दिया है, जबकि 131 अन्य हॉल संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। निगम के अनुसार इन सभी पर मिलाकर तीन करोड़ रुपये से अधिक का टैक्स बकाया है। इस कार्रवाई का असर सिर्फ हॉल संचालकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जिन लोगों ने पहले से कार्यक्रम बुक कर रखे हैं, वे भी असमंजस में आ गए हैं।

कई परिवारों को अपने तय कार्यक्रमों पर संकट की स्थिति नजर आने लगी है। निगम ने साफ कर दिया है कि सील किए गए हॉल में यदि कोई आयोजन किया गया तो संबंधित संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि निगम को यह कार्रवाई पहले करनी चाहिए थी, ताकि संचालकों को बकाया जमा कराने का पर्याप्त समय मिल जाता और शादियों के दौरान इस तरह की परेशानी नहीं होती।
शहर में 15 अप्रैल से विवाह समारोहों का दौर शुरू होने जा रहा है और इस समय अधिकांश मैरिज हॉल पहले से बुक हैं। निगम के आंकड़ों के अनुसार, एनआईटी जोन-2 में 35 मैरिज हॉलों पर करीब 2.67 करोड़ रुपये बकाया है। वहीं, ओल्ड जोन-1 के 12 हॉलों पर लगभग 36 लाख और ओल्ड जोन-2 के 14 हॉलों पर करीब 15 लाख रुपये का बकाया है। जिन संपत्तियों को सील किया गया है, उन पर कुल बकाया राशि तीन करोड़ रुपये से अधिक है।
इसके अलावा, जिन 131 हॉल संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं, उन्हें पांच दिन के भीतर टैक्स जमा करने का निर्देश दिया गया है। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ भी सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम 31 मार्च तक 100 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य हासिल करने के दबाव में है, जिसके चलते बड़े पैमाने पर यह अभियान चलाया जा रहा है।
नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने बताया कि संबंधित संचालकों को पहले भी दो बार नोटिस दिया गया था, लेकिन बकाया जमा नहीं किया गया। इसी वजह से अब सख्त कार्रवाई करनी पड़ी।