फरीदाबाद (सरूप सिंह)। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन इनके लिए जरूरी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर अब भी विकसित नहीं हो पाया है। शहर में करीब 20 हजार ईवी सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जबकि चार्जिंग स्टेशन की व्यवस्था लगभग न के बराबर है। विशेष बात यह है कि पिछली सरकार में फरीदाबाद से सांसद किशनपाल गुर्जर के पास केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी भी रही.इसके बावजूद शहर में ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित नहीं हो सके।

ऐसे में स्थानीय स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल उठ रहे हैं। आरटीए के आंकड़ों के अनुसार, करीब 14 हजार निजी और 6 हजार व्यावसायिक ईवी शहर में पंजीकृत हैं। नगर निगम ने पहले 16 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना बनाई थी, लेकिन यह योजना पिछले दो वर्षों से फाइलों में ही अटकी हुई है। बाद में इसे रद्द कर दिया गया और अब दोबारा प्रक्रिया शुरू करने की बात कही जा रही है।
प्रदूषण के लिहाज से पहले से ही संवेदनशील फरीदाबाद में ईवी को बढ़ावा देना जरूरी है, लेकिन चार्जिंग सुविधा की कमी लोगों को पीछे रोक रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, घरों में सामान्य बिजली कनेक्शन पर ईवी चार्ज करना जोखिम भरा हो सकता है। सेवानिवृत्त एई जेपी त्यागी बताते हैं कि अधिकांश घरों में 2 से 3 किलोवाट का लोड होता है, जबकि ईवी चार्जिंग के लिए 7 से 9 किलोवाट की जरूरत पड़ती है, जिससे ओवरलोडिंग का खतरा बढ़ जाता है।
इलेक्ट्रिकल इंजीनियर दीपक पाठक के मुताबिक, चार्जिंग के दौरान सावधानी बेहद जरूरी है। वाहन को चलाने के तुरंत बाद चार्जिंग पर न लगाएं, बैटरी को ठंडा होने दें और केवल प्रमाणित चार्जर का ही इस्तेमाल करें, खासकर गर्मियों में अतिरिक्त सतर्कता बरतें। दूसरी ओर, फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) 200 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना पर काम कर रहा है।
इसके लिए सेक्टर-61 में करीब पांच एकड़ क्षेत्र में बस डिपो बनाया जाना प्रस्तावित है। हालांकि, इन बसों के संचालन के लिए भी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना बड़ी चुनौती बना हुआ है। नगर निगम के कार्यकारी अभियंता नितिन कादियान के अनुसार, चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए एजेंसियों से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं और जल्द ही प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।