फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर-80 में प्लॉट लेने वाले लोगों को आखिरकार लंबी कानूनी लड़ाई के बाद राहत मिलती दिखाई दे रही है। पहले भी इस मुद्दे को लेकर प्लॉट धारकों ने कई बार हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के खिलाफ नाराजगी जताई थी और प्रशासन से समाधान की मांग की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई थी।

अब इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए HSVP को चार महीने के भीतर प्लॉट धारकों को कब्जा देने का स्पष्ट निर्देश दिया है। जैसा कि पहले खबर में सामने आया था, सेक्टर-80 में HSVP ने करीब तीन साल पहले ई-नीलामी के जरिए प्लॉट आवंटित किए थे। इस योजना के तहत 68 से अधिक लोगों ने अपने सपनों का आशियाना बनाने के लिए यहां निवेश किया था।
लेकिन जमीन पर पहले से कब्जा जमाए बैठे बड़ौली और पहलाद गांव के लोगों ने प्लॉट धारकों को कब्जा लेने से रोक दिया। पिछले करीब साढ़े तीन महीने से दोनों गांवों के लोग सेक्टर-80 में प्लॉटिंग वाली जमीन पर अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं। इस विरोध के चलते HSVP भी चाहकर प्लॉट मालिकों को कब्जा नहीं दिला पाया। प्लॉट धारकों ने अपनी समस्या को लेकर कई बार HSVP और स्थानीय प्रशासन के दफ्तरों के चक्कर लगाए।
बार-बार शिकायत करने और अनुरोध करने के बावजूद जब कोई समाधान नहीं निकला, तो उन्होंने मजबूर होकर अदालत का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने स्पष्ट रूप से HSVP को निर्देश दिया है कि वह चार महीने के भीतर सभी पात्र प्लॉट धारकों को उनके प्लॉट पर कब्जा दिलाना सुनिश्चित करे। कोर्ट के इस आदेश के बाद अब प्रशासन पर तय समयसीमा में कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।
प्लॉट धारक मदन शर्मा और केशव सहित अन्य लोगों ने कोर्ट के फैसले पर संतोष जताया है। उनका कहना है कि लंबे समय से वे अपने प्लॉट के कब्जे के लिए संघर्ष कर रहे थे और अब उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही उन्हें उनका हक मिल जाएगा।