फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। जिले में लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। गेहूं की फसल बड़े स्तर पर जमीन पर गिर गई है, जिससे किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने हालात का आकलन करने के लिए अपने फील्ड स्टाफ से रिपोर्ट तलब की है, वहीं किसान सरकार से विशेष गिरदावरी कराने की मांग कर रहे हैं।

बुधवार शाम से शुरू हुई बारिश बृहस्पतिवार तक रुक-रुक कर जारी रही। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में हल्की ओलावृष्टि भी हुई। पिछले 24 घंटे में फरीदाबाद तहसील में 10 मिमी, बल्लभगढ़ में 5 मिमी, बड़खल में 8 मिमी तथा तिगांव, मोहना, दयालपुर, धौज में 7-7 मिमी और गौंछी में 9 मिमी वर्षा दर्ज की गई। लगातार बारिश के चलते खेतों में जलभराव हो गया है, जिससे गेहूं की फसल जमीन पर गिर गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार अब यह फसल दोबारा खड़ी नहीं हो पाएगी और पानी में डूबने से सड़ने का खतरा बढ़ गया है। इससे उत्पादन पर भी गंभीर असर पड़ेगा। किसानों का कहना है कि इस बार फसल की स्थिति पहले अच्छी थी और बेहतर पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन अचानक मौसम बिगड़ने से सारी उम्मीदें टूट गईं। मोहला गांव के किसान दिलीप कुमार के अनुसार, फसल में दाना बनने के बाद वजन बढ़ गया था, जिससे पौधे जड़ से गिर गए हैं और अब इनके संभलने की कोई संभावना नहीं है।
कृषि विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. आनंद कुमार ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण अभी और बारिश की संभावना बनी हुई है। उन्होंने कहा कि फसल के वास्तविक नुकसान का आकलन तीन दिन बाद ही हो सकेगा। जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कराया है, वे 72 घंटे के भीतर सेक्टर-12 स्थित कृषि विभाग कार्यालय में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
इधर, लगातार बारिश के चलते दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी कई स्थानों पर जलभराव की समस्या सामने आई है। बल्लभगढ़, गुडईयर, वाईएमसीए, सीकरी और बाटा के पास सर्विस रोड पर पानी भर जाने से यातायात प्रभावित हुआ है। जल निकासी की व्यवस्था कमजोर होने के कारण हर बारिश में यह समस्या दोहराई जाती है। संबंधित विभाग—एनएचएआई, नगर निगम और फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण—आपसी जिम्मेदारी तय करने में उलझे हैं, जबकि समस्या जस की तस बनी हुई है।