फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। हरियाणा सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक और वित्तीय संचालन को अपने नियंत्रण में ले लिया है। सरकार ने आईएएस अधिकारी अमित अग्रवाल को यूनिवर्सिटी का प्रशासक नियुक्त किया है, जिन्होंने अपना कार्यभार भी संभाल लिया है। वहीं, जेसी बोस यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. अजय रंगा को अल-फलाह यूनिवर्सिटी का नया उपकुलपति बनाया गया है।

यह निर्णय पिछले वर्ष 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किले के पास हुए बम धमाके के बाद सामने आए तथ्यों के मद्देनज़र लिया गया है। जांच एजेंसियों की पड़ताल में यूनिवर्सिटी से जुड़े कुछ डॉक्टरों के नाम आतंकी नेटवर्क से जुड़ने की बात सामने आई थी। इसी के बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की थी, जिसमें संस्थान में कई प्रशासनिक अनियमितताएं उजागर हुईं।
सरकार ने हरियाणा प्राइवेट यूनिवर्सिटीज (संशोधन) विधेयक के तहत मिले अधिकारों का उपयोग करते हुए यूनिवर्सिटी के प्रबंधन को अपने अधीन लिया है। इस कानून के तहत राज्य सरकार निजी विश्वविद्यालयों के संचालन में हस्तक्षेप कर सकती है और आवश्यकता पड़ने पर उनका अधिग्रहण भी कर सकती है। नई नियुक्तियों के तहत जेसी बोस यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजीव कुमार सिंह को अल-फलाह यूनिवर्सिटी का परीक्षा नियंत्रक बनाया गया है।
इसके अलावा रवि कुमार शर्मा को मुख्य वित्त एवं लेखा अधिकारी तथा डॉ. मेहा शर्मा को रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासनिक कार्यों के लिए अभिनव और राजदीप को नियुक्त किया गया है। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि यूनिवर्सिटी की फैकल्टी में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। वर्तमान में इस संस्थान में देश के विभिन्न राज्यों से आए लगभग 1700 छात्र-छात्राएं मेडिकल सहित अन्य विषयों की पढ़ाई कर रहे हैं।
गौरतलब है कि 10 नवंबर 2025 को हुए लाल किला धमाके में 15 लोगों की मौत हुई थी। जांच में सामने आया था कि इस हमले का मुख्य आरोपी डॉ. उमर नबी यूनिवर्सिटी से जुड़ा हुआ था, जबकि अन्य आरोपी डॉ. मुजम्मिल शकील और डॉ. शाहीन सईद को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गिरफ्तार किया था। इसी पृष्ठभूमि में सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है।