रोजगार, विकास और आत्मनिर्भर भारत का घोषणापत्र है केंद्रीय बजट : राजेश नागर

फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। हरियाणा सरकार के मंत्री राजेश नागर ने वर्ष 2026 के केंद्रीय बजट को भारतीय लोकतंत्र के आर्थिक इतिहास में एक दूरदर्शी और निर्णायक दस्तावेज बताया है। नागर अपने निवास पर मीडिया को संबोधित कर रहे थे। मंत्री राजेश नागर ने कहा कि केंद्र का बजट हरियाणा के बजट को दिशा देने का काम करेगा और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में समग्र हरियाणा के विकास के लिए हरियाणा वासियों के लिए सौगातें मिलेंगी।

उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आगामी एक वर्ष की आय-व्यय योजना नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प की ठोस रूपरेखा है। इस बजट के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत अब तात्कालिक राजनीतिक लाभ की सोच से ऊपर उठकर दीर्घकालिक राष्ट्रीय हितों के आधार पर नीतियां बना रहा है।

उन्होंने कहा कि इस बजट की सबसे बड़ी विशेषता है कि विकास को केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उसे रोजगार, अवसर और आत्मनिर्भरता से जोड़ा गया है। विनिर्माण, सेवा और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सेमीकंडक्टर मिशन, बायोफार्मा शक्ति, टेक्सटाइल पार्क, रसायन पार्क और आईटी सेवाओं को दिया गया प्रोत्साहन यह दर्शाता है कि सरकार भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का केंद्र बनाना चाहती है।

इस बजट से रोजगार सृजित होंगे और भारत की प्रतिभा को देश में ही अवसर मिलेंगे, न कि विदेशों की ओर पलायन करना पड़ेगा। मंत्री नागर ने कहा कि ढांचागत विकास के क्षेत्र में 12.2 लाख करोड़ रुपये का सार्वजनिक पूंजी व्यय आने वाले दशकों की नींव रखता है। वहीं समर्पित माल गलियारे, राष्ट्रीय जलमार्गों का विस्तार, तटीय परिवहन, उच्च गति रेल कॉरिडोर, शहरी आर्थिक क्षेत्रों और आधुनिक लॉजिस्टिक नेटवर्क के माध्यम से भारत की अर्थव्यवस्था को गति देने का यह प्रयास अभूतपूर्व है।

राजेश नागर ने कहा कि मोदी सरकार किसान को केवल सहायता का पात्र नहीं, बल्कि कृषि उद्यमी के रूप में स्थापित करना चाहती है। इसके साथ साथ महिलाओं और युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल और सुरक्षा के स्तर पर ठोस प्रावधान इस बजट को सामाजिक रूप से संतुलित बनाते हैं। प्रत्येक जिले में महिला छात्रावास, सेवा क्षेत्र पर केंद्रित शिक्षा से रोजगार की रणनीति, स्वास्थ्य और देखभाल सेवाओं में बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण यह सुनिश्चित करता है कि भारत की आधी आबादी विकास की धुरी बने।

देश के बजट में एमएसएमई और स्टार्टअप्स के लिए वित्तीय सहायता, जोखिम गारंटी फंड और कर सरलीकरण यह दर्शाता है कि सरकार उद्यमियों को संदेह की दृष्टि से नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के भागीदार के रूप में देखती है। इसके अलावा कर व्यवस्था में सरलता, मुकदमेबाजी में कमी और ईमानदार करदाताओं को सम्मान देना आर्थिक सुशासन की पहचान है।

 

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Author: Prime Haryana

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