फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। देश में सड़कों पर रहने वाले ऐसे अनेक बच्चे हैं, जिन्हें अपना जन्मदिन तक पता नहीं होगा। पर एक संस्था है जो ऐसे बच्चों का जन्मदिन मनाती है। यह संस्था है मिशन जागृति जो बच्चों के चेहरों पर खुशी और मुस्कुराहट लाने के अपनी तरह का अनुठा प्रयास कर रही है। मिशन जागृति संस्था ने इसके लिए एक प्रोजेक्ट शुरू किया है जिसका नाम है ‘हैप्पी बर्थडे टू मी।

इस प्रोजेक्ट की निदेशेक भावना चौधरी ने बताया की बच्चों की मुस्कुराहट देख कर मुझे आत्मिक खुसी मिलती है भावना का कहना है कि फरीदाबाद की सड़कों पर झुग्गी बस्तियों मे रहने वाले काफी बच्चे है। इनमें से कई बच्चे भीख मांग रहे होते है, तो कई बच्चे पेन और खिलौने वगैरह बेच रहे है। हमारी टीम उन बच्चों को देखती है जिनको अपना बर्थडे नहीं पता है। और फिर हम उस बच्चे का जन्मदिन उसके झुग्गी बस्ती या पार्क मे मनाते है।
भावना चौधरी ने बताया कि इस बर्थडे पार्टी में केक कटिंग सेरेमनी कर केवल औपचारिकता पूरी नहीं की जाती बल्कि दिल से बच्चे को महसूस करवाया जाता है कि आज उसका विशेष दिन है। भावना ने बताया की इस बार का जन्मदिन मनाया कोमल का जो भीकम कालोनी बलबगढ़ के पास रहती है। और माता पिता इतने गरीब है की उन्होंने इसका जन्मदिन कभी भी नहीं मनाया। अपना जन्मदिन मना कर कोमल भी बहुत खुश थी और जो गिफ्ट मिल तो उसने कहा की मुझे पहली बार किसी ने इतने प्यार से कुछ दिया है।
मिशन जागृति के संस्थापक प्रवेश मलिक जब जब किसी रेड लाइट पर या किसी झुग्गी मे बच्चों को देखते है। तो लगातार उनसे पता करते है की उनका जन्मदिन कब है, तो अधिकतर बच्चे बताते है की उन्होंने अपना जन्मदिन कभी भी नहीं मनाया। इस विषय उन्होंने मीटिंग बुलाई और कहा की हर एक बच्चे का अधिकार होना चाहिए की वो खुश रहे पढे अपना जन्मदिन मनाए।
